जबलपुर बरगी डैम हादसा: कोर्ट ने पायलट और स्टाफ पर FIR के दिए आदेश, लापरवाही पर सख्त टिप्पणी

जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में अब न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डीपी सूत्रकार की अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए क्रूज पायलट और स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने माना कि यह मामला गंभीर लापरवाही का है। 30 अप्रैल को हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी।
अदालत ने कहा कि पायलट को खतरे का अंदाजा था। इसके बावजूद उसने यात्रियों को डूबता छोड़ दिया और खुद बाहर निकल गया। कोर्ट ने इसे भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत अपराध माना। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
हादसे की भयावह तस्वीर
बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूब गया था। हादसे में आठ महिलाएं, चार बच्चे और एक पुरुष की मौत हुई। करीब 60 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी बॉडी निकाली गई। यह घटना प्रदेश के बड़े हादसों में गिनी जा रही है।
सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप
हादसे के बाद जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि जांच शुरू होने से पहले ही क्रूज को काट दिया गया। इससे अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई गई। बाद में प्रशासन ने क्रूज के हिस्सों को सीज किया। अब इन्हीं के आधार पर जांच हो रही है।
कर्मचारियों पर कार्रवाई
इस मामले में कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की गई है। को-पायलट, हेल्पर और टिकट प्रभारी को नौकरी से हटाया गया है। मैनेजर को सस्पेंड किया गया है। वहीं अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हुई है। को-पायलट ने भी दावा किया कि क्रूज का एक इंजन पहले से खराब था।
कोर्ट का निर्देश और आगे की कार्रवाई
कोर्ट ने पुलिस को दो दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही जान बचाने वाले लोगों की सराहना भी की गई है। अब इस मामले की सुनवाई सीधे अदालत में होगी।
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