केरलम में पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 13 मजदूरों की मौत: पांच की हालत गंभीर; 40 मजदूर कर रहे थे काम, रेस्क्यू के दौरान भी हुए कई विस्फोट

21 अप्रैल 2026
 पांच की हालत गंभीर; 40 मजदूर कर रहे थे काम, रेस्क्यू के दौरान भी हुए कई विस्फोट

केरलम के त्रिशूर जिले में मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 40 मजदूर काम कर रहे थे। ब्लास्ट के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ आग और धुएं का गुबार फैल गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुट गए, लेकिन लगातार हो रहे छोटे-छोटे विस्फोटों ने रेस्क्यू ऑपरेशन को काफी मुश्किल बना दिया।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मौके से 10 बॉडी बरामद की गई हैं, जबकि तीन लोगों के शरीर के हिस्से अलग-अलग जगहों पर मिले हैं, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। घायलों में से पांच की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जबकि 17 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान करने और उनके परिवारों को सूचना देने का काम शुरू कर दिया है।

 पांच की हालत गंभीर; 40 मजदूर कर रहे थे काम, रेस्क्यू के दौरान भी हुए कई विस्फोट

खेतों के बीच चल रही थी फैक्ट्री

जानकारी के मुताबिक पटाखे एक अस्थायी शेड में बनाए जा रहे थे, जो खेतों के बीच स्थित था। इस तरह की जगह पर फैक्ट्री चलना सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। शुरुआती जांच में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से पटाखा निर्माण का काम चल रहा था, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

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घायल मजदूर ने बताया

हादसे में घायल एक मजदूर ने बताया कि अचानक तेज चमक दिखाई दी और कुछ ही सेकंड में आग भड़क उठी। उसने कहा कि इसके बाद उसे कुछ भी याद नहीं रहा। मजदूर के मुताबिक यूनिट में ज्यादातर स्थानीय लोग ही काम कर रहे थे। यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि हादसा बेहद अचानक हुआ और मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

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रेस्क्यू ऑपरेशन में आई दिक्कत

ब्लास्ट के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन रुक-रुक कर हो रहे विस्फोटों ने राहत कार्य को धीमा कर दिया। आग पर काबू पाने में भी काफी समय लगा। टीमों को सावधानी के साथ अंदर जाना पड़ा, जिससे कई लोगों को निकालने में देरी हुई। इसके बावजूद बचाव दल लगातार काम करता रहा और घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

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सरकार और पीएम ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। वहीं राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए जिला प्रशासन को 50 लाख रुपये जारी किए हैं। सरकार ने घायलों के बेहतर इलाज का भी आश्वासन दिया है

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डॉक्टरों की टीम तैनात

केरलम की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि घायलों के इलाज के लिए त्रिशूर मेडिकल कॉलेज, जनरल अस्पताल और आसपास के अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज में मास कैजुअल्टी प्रोटोकॉल लागू किया गया है और बर्न यूनिट को पूरी तरह तैयार रखा गया है। इसके अलावा तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम, कोट्टायम और कोझिकोड से डॉक्टरों की टीमें भी मदद के लिए भेजी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।

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