ओडिशा में मॉब लिंचिंग: छेड़छाड़ के आरोप में जीआरपी कांस्टेबल की पीट-पीटकर हत्या, रेलवे एडीजी से मिलने जा रहा था कांस्टेबल

खुर्दा|07 मई 2026
छेड़छाड़ के आरोप में जीआरपी कांस्टेबल की पीट-पीटकर हत्या, रेलवे एडीजी से मिलने जा रहा था कांस्टेबल

ओडिशा के खुर्दा जिले में भीड़ हिंसा की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां लड़कियों से कथित छेड़छाड़ और अभद्र टिप्पणी के आरोप में लोगों ने जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाईं की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना ने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। मृतक कांस्टेबल कटक जीआरपी में तैनात था और पिछले 12 सालों से पुलिस सेवा में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि घटना उस समय हुई जब वह अपने साथी ओम प्रकाश के साथ किसी आधिकारिक काम से रेलवे एडीजी से मिलने जा रहा था। रास्ते में हुए विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और गुस्साई भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया।

जानकारी के मुताबिक बुधवार को सौम्य रंजन और उसका साथी बाइक से जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में उन्होंने स्कूटी सवार दो युवतियों पर अभद्र टिप्पणी की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई। इसी दौरान बाइक ने स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों महिलाएं सड़क पर गिर गईं और कुछ दूरी तक घसीटती चली गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग तेजी से जमा होने लगे। देखते ही देखते मामला उग्र हो गया। स्थानीय लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों को रोक लिया। आरोप है कि इसी दौरान भीड़ ने सौम्य रंजन पर हमला कर दिया और उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

भीड़ के हमले में गई जान, साथी की हालत भी बिगड़ी

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ बेहद गुस्से में थी। लोगों ने लाठी-डंडों और घूंसों से हमला किया। गंभीर रूप से घायल सौम्य रंजन सड़क पर गिर पड़ा। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना में उसका साथी ओम प्रकाश भी घायल बताया जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग कानून व्यवस्था और भीड़ हिंसा दोनों पर सवाल उठा रहे हैं।

मां का आरोप- बेटे को बचाने की कोशिश नहीं हुई

मृतक कांस्टेबल की मां ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा किसी निजी काम से नहीं बल्कि आधिकारिक ड्यूटी से रेलवे एडीजी से मिलने जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन किसी ने उनके बेटे को बचाने की कोशिश नहीं की। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते हस्तक्षेप किया जाता तो सौम्य रंजन की जान बच सकती थी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस बोली- दोनों पक्षों से शिकायत दर्ज

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीसीपी जगमोहन मीणा ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस के अनुसार दूसरी ओर से यह आरोप लगाया गया है कि मृतक पक्ष ने दो युवतियों के साथ रेप की कोशिश की थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना ने एक बार फिर देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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