मां सिर्फ रिश्ता नहीं, जिंदगी की सबसे बड़ी ताकत: बदलते दौर में भी सबसे खास है मां का रिश्ता, एना जार्विस ने मनाया था पहला मदर्स डे

दुनिया तेजी से बदल रही है। रिश्तों की परिभाषाएं भी बदल रही हैं। लोगों की जिंदगी अब डिजिटल होती जा रही है। मोबाइल और सोशल मीडिया ने लोगों को पहले से ज्यादा व्यस्त बना दिया है। भागदौड़ भरी जिंदगी में भावनाएं भी सिमटती नजर आ रही हैं। इसके बावजूद एक रिश्ता ऐसा है, जो आज भी सबसे मजबूत और सबसे खास माना जाता है। वह रिश्ता मां और बच्चे का है।
मां का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल माना जाता है। बच्चे का जुड़ाव मां से जन्म से पहले ही शुरू हो जाता है। उसकी पहली धड़कन मां से जुड़ती है। पहली सांस मां की गोद में मिलती है। पहली मुस्कान मां के चेहरे पर आती है। बच्चे की पहली शिक्षक भी मां ही होती है। पहला संस्कार भी मां से मिलता है। यही वजह है कि भारतीय संस्कृति में मां को भगवान से पहले दर्जा दिया गया है। 10 मई को दुनियाभर में मदर्स डे मनाया जाएगा। हर साल मई के दूसरे रविवार को यह दिन मनाया जाता है। यह दिन मां के निस्वार्थ प्रेम, त्याग और समर्पण को सम्मान देने के लिए खास माना जाता है। आज के दौर में मदर्स डे केवल एक उत्सव नहीं रहा, बल्कि भावनाओं और रिश्तों का प्रतीक बन चुका है।
हर मुश्किल में ढाल बनती है मां
मां केवल परिवार का हिस्सा नहीं होती, बल्कि पूरे घर की सबसे मजबूत नींव होती है। सुबह सबसे पहले मां की आवाज सुनाई देती है और रात में सबसे आखिरी चिंता भी मां ही करती है। बच्चा कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए, मां की नजर में वह हमेशा बच्चा ही रहता है। घर की जिम्मेदारियां मां चुपचाप निभाती है। वह अपने दर्द को अक्सर छिपा लेती है, लेकिन बच्चों की जरूरतों को खुद से पहले रखती है। अपने सपनों से ज्यादा बच्चों के सपने पूरे करने की कोशिश करती है। मां कभी अपनी थकान का हिसाब नहीं करती। वह हर हाल में परिवार को संभालती रहती है। समाज में मां को त्याग और ममता की सबसे बड़ी मिसाल माना जाता है। बच्चे की छोटी परेशानी भी मां तुरंत समझ जाती है। बिना कुछ कहे उसका दर्द पढ़ लेती है। यही वजह है कि मां का रिश्ता दुनिया का सबसे मजबूत रिश्ता माना जाता है।
अमेरिका से हुई थी मदर्स डे की शुरुआत
मदर्स डे की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। इसके पीछे एक भावुक कहानी जुड़ी हुई है। अमेरिका की एना जार्विस ने मां के सम्मान में इस दिन की शुरुआत की थी। साल 1905 में उनकी मां का निधन हो गया था। इसके बाद एना जार्विस ने महसूस किया कि मां के त्याग और प्रेम को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने लोगों को मां के महत्व के प्रति जागरूक करना शुरू किया। धीरे-धीरे उनका अभियान अमेरिका में लोकप्रिय होने लगा। लोगों ने इस पहल का समर्थन किया और मदर्स डे को विशेष दिन के रूप में पहचान मिलने लगी।
1914 में मिली आधिकारिक मान्यता
एना जार्विस के लगातार प्रयास आखिरकार सफल हुए। साल 1914 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने मदर्स डे को आधिकारिक मान्यता दी। नौ मई 1914 को इसे राष्ट्रीय पर्व घोषित किया गया। इसके बाद यह परंपरा दूसरे देशों तक पहुंची और धीरे-धीरे दुनियाभर में लोकप्रिय होती चली गई। आज भारत समेत कई देशों में मदर्स डे बड़े उत्साह और भावनात्मक अंदाज में मनाया जाता है। लोग इस दिन अपनी मां को खास महसूस कराने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं।

भारत में तेजी से बढ़ा मदर्स डे का क्रेज
भारत में पिछले कुछ वर्षों में मदर्स डे का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। खासतौर पर युवाओं में इसका क्रेज ज्यादा दिखाई देता है। लोग इस दिन मां को फूल, गिफ्ट और सरप्राइज देकर प्यार जताते हैं। परिवार के साथ समय बिताना भी इस दिन की खास परंपरा बनता जा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में मदर्स डे पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बच्चे मां के लिए कार्ड और संदेश तैयार करते हैं। कई संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। मदर्स डे अब केवल पारिवारिक दिन नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक उत्सव बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और बाजारों में भी इस दिन रौनक बढ़ जाती है। गिफ्ट आइटम्स, फोटो फ्रेम, फूल और पर्सनलाइज्ड गिफ्ट की मांग तेजी से बढ़ती है। रेस्टोरेंट और कैफे में भी विशेष ऑफर दिए जाते हैं।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता है मदर्स डे
डिजिटल दौर में मदर्स डे सोशल मीडिया का बड़ा ट्रेंड बन चुका है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर लोग मां के साथ तस्वीरें और वीडियो साझा करते हैं। इमोशनल मैसेज और पुरानी यादों से जुड़े पोस्ट भी खूब शेयर किए जाते हैं। सेलिब्रिटीज भी अपनी मां के लिए खास पोस्ट लिखते हैं। कई ब्रांड्स इस मौके पर भावनात्मक कैंपेन चलाते हैं। मदर्स डे से जुड़े हैशटैग हर साल सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते हैं। यही वजह है कि यह दिन अब दुनियाभर में भावनाओं और प्यार का प्रतीक बन चुका है।

मां का योगदान किसी एक दिन में नहीं समाता
मदर्स डे केवल औपचारिक दिन नहीं है। यह मां के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर है। मां का योगदान किसी एक दिन में नहीं समा सकता। वह पूरी जिंदगी परिवार के लिए समर्पित रहती है। समय बदलता रहेगा। तकनीक आगे बढ़ती रहेगी। लेकिन मां का प्यार कभी नहीं बदलेगा। मां का रिश्ता हमेशा दुनिया का सबसे मजबूत और सबसे खास रिश्ता बना रहेगा।

मां के लिए वक्त निकलना जरूरी
मदर्स डे को लेकर अनुष्का ने बेहद खास अंदाज में अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि “मां सिर्फ हमारी पैरेंट नहीं, बल्कि लाइफ की सबसे रियल सपोर्ट सिस्टम होती हैं।” अनुष्का के मुताबिक आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मां ही वो इंसान हैं जो बिना किसी शर्त के हमेशा साथ खड़ी रहती हैं। उन्होंने बताया कि इस मदर्स डे पर वह अपनी मां के साथ क्वालिटी टाइम बिताकर उन्हें स्पेशल फील कराएंगी। अनुष्का का कहना है कि सोशल मीडिया की दुनिया में लोग सबको समय दे देते हैं, लेकिन मां के लिए वक्त निकालना सबसे जरूरी है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि इस मदर्स डे पर महंगे गिफ्ट नहीं, बल्कि मां के साथ बिताया गया समय उन्हें सबसे ज्यादा खुशी देगा।
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