मुंबई में ‘लोन वुल्फ’ हमला: धर्म पूछकर गार्ड्स पर चाकू से किया वार, एटीएस को आईएसआईएस से जुड़े सबूत मिले

मुंबई के मीरा रोड इलाके में एक सनसनीखेज हमला सामने आया। नया नगर क्षेत्र में एक युवक ने दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर पहले उनका धर्म पूछने के बाद चाकू से हमला कर दिया। इस वारदात ने पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस और एंटी टेरर एजेंसियां मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।
पुलिस के मुताबिक घटना सुबह करीब चार बजे की है। एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग के पास दो गार्ड- राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा। पहले उसने मस्जिद का रास्ता पूछा और वहां से चला गया। कुछ देर बाद वह फिर लौटा। इस बार उसने एक गार्ड से उसका धर्म पूछा और अचानक चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद वह गार्ड केबिन में घुसा। दूसरे गार्ड से कलमा पढ़ने को कहा। जब वह ऐसा नहीं कर पाया तो उस पर भी हमला कर दिया। दोनों गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। उसकी पहचान 31 वर्षीय जैब जुबेर अंसारी के रूप में हुई है। घटना के करीब डेढ़ घंटे के भीतर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। बाद में उसे अदालत में पेश किया गया जहां से उसे चार मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
एटीएस जांच में क्या मिला?
मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस ने संभाली है। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से कई अहम सबूत मिले हैं। इनमें आईएसआईएस से जुड़े दस्तावेज, एक लैपटॉप और धार्मिक किताबें शामिल हैं। जांच एजेंसियों को हाथ से लिखे कुछ नोट्स भी मिले हैं। इन नोट्स में आरोपी ने आईएसआईएस में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उसने इस हमले को अपने “पहले कदम” के रूप में लिखा था। एटीएस के मुताबिक यह एक “लोन वुल्फ अटैक” है। यानी ऐसा हमला जिसे किसी संगठन के सीधे निर्देश के बिना, एक व्यक्ति खुद प्लान कर अंजाम देता है।
आरोपी की पृष्ठभूमि
जांच में सामने आया है कि आरोपी साइंस ग्रेजुएट है। वह 2000 से 2020 तक अपने माता-पिता के साथ अमेरिका में रहा था। नौकरी न मिलने के कारण वह भारत लौट आया। 2022 से वह मीरा रोड में अकेले रह रहा था। वह ऑनलाइन केमिस्ट्री की कोचिंग देता था। बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी अफगानिस्तान की है जो अब उसे छोड़कर अमेरिका चली गई है। एजेंसियों का मानना है कि अकेलेपन के दौरान वह इंटरनेट के जरिए कट्टरपंथ की ओर झुक गया।
सरकार और एजेंसियों की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि यह आत्म-उग्रवादीकरण का मामला प्रतीत होता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी एक खास समुदाय को निशाना बनाना चाहता था। मामले की जांच एटीएस के साथ-साथ एनआईए भी कर रही है।
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