मुंबई में एनसीबी का बड़ा एक्शन: 1745 करोड़ रुपये की 349 किलो कोकीन जब्त, सलीम डोला गिरफ्तारी के बाद खुला नेटवर्क

मुंबई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत करीब 1745 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी ड्रग जब्तियों में से एक मानी जा रही है। इस कार्रवाई से देश में सक्रिय ड्रग कार्टेल पर बड़ा झटका लगा है। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सरकार ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ निर्णायक कदम है। शाह ने एनसीबी टीम की सराहना की और इसे “नीचे से ऊपर तक की रणनीति” का शानदार उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि छोटी खेप से शुरू हुई जांच ने एक बड़े नेटवर्क को उजागर कर दिया।
सलीम डोला की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई जांच
यह बड़ी कार्रवाई ड्रग तस्कर सलीम डोला की गिरफ्तारी के बाद सामने आई है। सलीम डोला को हाल ही में तुर्की से भारत लाया गया था। वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। उसका नाम अंडरवर्ल्ड और ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा बताया जाता है। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कई अहम सुराग मिले। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर एनसीबी ने यह बड़ी कार्रवाई की। इससे साफ है कि एजेंसियां अब नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
कई राज्यों तक कनेक्शन
जब्त की गई कोकीन उच्च गुणवत्ता की बताई जा रही है। इसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर सप्लाई के लिए किया जाता है। एजेंसियों को शक है कि यह खेप देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजी जानी थी। इसमें मेट्रो शहरों के साथ-साथ अन्य राज्यों का भी कनेक्शन हो सकता है। एनसीबी अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। इसमें सप्लाई चैन, फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को खंगाला जा रहा है। कई संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
ड्रग्स के खिलाफ सख्त रुख
सरकार ने साफ किया है कि ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। हाल के दिनों में लगातार बड़ी कार्रवाइयां हो रही हैं। इसका मकसद ड्रग्स के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से ड्रग माफिया पर दबाव बढ़ेगा। साथ ही युवाओं को नशे से बचाने में भी मदद मिलेगी। यह सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है।
मामले की जांच जारी
फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है। यह कार्रवाई दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ड्रग नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इस तरह की और सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
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