आज दिखेगा ‘पिंक मून’: बसंत ऋतु की पहली पूर्णिमा पर अनोखा होगा खगोलीय नजारा, अधिक चमकीला व बड़ा नजर आएगा चंद्रमा

बसंत ऋतु की पहली पूर्णिमा पर अनोखा होगा खगोलीय नजारा, अधिक चमकीला व बड़ा नजर आएगा चंद्रमा

एक अप्रैल की रात से लेकर दो अप्रैल के भोर तक वसंत ऋतु की पहली पूर्णिमा होगी। इसे ‘पिंक मून’ के नाम से भी जाना जाता है। पूर्णिमा का नाम गुलाबी रंग के जंगली फूल फ्लॉक्स के नाम पर रखा गया है। ये फूल उत्तरी अमेरिका में अप्रैल महीने में ही खिलते हैं। ‘पिंक मून’ की खास बात यह है कि इसमें चंद्रमा पूरी तरह पिंक रंग का न होकर हल्का नारंगी दिखाई देगा। इस शानदार खगोलीय घटना को लेकर खगोलप्रेमियों में खासा उत्साह है। शहर के वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामंडल) के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने बताया कि यह एक पूर्णतः प्राकृतिक खगोलीय घटना है। इसमें चंद्रमा अपने पूर्ण प्रकाशित रूप में दिखाई देता है।

कब और कैसे देखें पिंक मून?

अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में इसको देखने का सबसे अच्छा समय एक अप्रैल की शाम सूर्यास्त के बाद से लेकर दो अप्रैल की भोर तक होगा। इस दौरान चंद्रमा लगभग पूर्ण गोल, ज्यादा चमकीला और बड़ा दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि पिंकमून को देखने के लिए किसी स्वच्छ, अंधेरे व खुले स्थान जैसे छत/ मैदान से शाम के समय पूर्व दिशा में और भोर में पश्चिम दिशा की ओर देखना होगा। ‘पिंक मून’ को बिना दूरबीन के भी देखा जा सकता है।

पूर्ण चंद्र का क्या है विशेष खगोलीय महत्व?

अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय वसंत ऋतु का पहला पूर्ण चंद्रमा है। कई कैलेंडर और धार्मिक तिथियां इसी पर आधारित होती हैं। पूर्ण चंद्र होने पर पृथ्वी के समुद्रों में ज्वार-भाटा अधिक आते हैं, इसलिए इसका अपना खगोलीय महत्व होता है।

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