फिर विवादों में पुणे पोर्श कांड का आरोपी: जमानत पर बाहर आते ही पार्टी का वीडियो वायरल, गले में नोटों की माला पहनकर किया डांस

देशभर में चर्चित रहे पुणे पोर्श एक्सीडेंट केस का आरोपी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। करीब 22 महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए आरोपी शामिल अग्रवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपने परिवार के साथ पार्टी करता और गले में नोटों की माला पहनकर गाने पर डांस करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वायरल वीडियो में आरोपी ‘मुंबई से आया मेरा दोस्त’ गाने की धुन पर थिरकता नजर आ रहा है। उसके गले में नोटों की माला डली हुई है, जबकि आसपास मौजूद लोग जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में आरोपी का पिता विशाल अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्य भी डांस करते नजर आ रहे हैं। इस दृश्य को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं कि जिस मामले में दो युवाओं की मौत हुई है। उसके आरोपी परिवार द्वारा इस तरह का जश्न मनाना संवेदनहीनता को दर्शाता है।
खून के सैंपल से छेड़छाड़ के आरोप
पुणे पोर्श कांड में आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल और उनकी पत्नी पहले भी गंभीर आरोपों के चलते अरेस्ट हो चुके हैं। उन पर नाबालिग बेटे के ब्लड सैंपल में कथित हेरफेर कराने और मामले की जिम्मेदारी ड्राइवर पर लेने का दबाव बनाने के आरोप लगे थे। जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि हादसे के बाद मामले को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी। यह हादसा मई 2024 में पुणे के कल्याणी नगर इलाके में हुआ था। आरोप है कि नाबालिग शामिल अग्रवाल शराब के नशे में तेज रफ्तार पोर्श कार चला रहा था। इसी दौरान उसकी कार ने बाइक सवार दो युवा इंजीनियरों अनीश अवधिया और अश्विनी कोस्टा को कुचल दिया था। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट से मिली थी जमानत
मामले में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने 10 मार्च को विशाल अग्रवाल को जमानत दी थी। अदालत ने कहा था कि आरोपी लंबे समय से जेल में है और उसने जमानत के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत किए हैं। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि आरोपी किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेगा और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेगा। उधर वायरल वीडियो के सामने आने के बाद एक बार फिर इस बहुचर्चित केस को लेकर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आरोपी परिवार के रवैये को लेकर नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि ऐसे गंभीर मामले में जश्न का प्रदर्शन पीड़ित परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
देशभर में उठा था विरोध
19 मई 2024 को हुए इस हादसे के बाद देशभर में भारी आक्रोश देखने को मिला था। घटना के कुछ घंटों बाद ही जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा आरोपी को जमानत दिए जाने पर भी विवाद खड़ा हो गया था। बाद में बढ़ते जनदबाव और विरोध के बाद आरोपी को ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया था। अब जमानत के बाद सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है।
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