तमिलनाडु में विजय सरकार का रास्ता साफ: VCK-IUML के समर्थन से मिला बहुमत; आज पेश करेंगे सरकार बनाने का दावा

तमिलनाडु की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म होता दिखाई दे रहा है। एक्टर से नेता बने विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। चुनाव में दो-दो सीटें जीतने वाली VCK और IUML ने विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही टीवीके के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा पार हो गया है। अब पार्टी के समर्थन में कुल 121 विधायक हो गए हैं। यह बहुमत के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से तीन ज्यादा है। समर्थन मिलने के बाद विजय राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने के लिए रवाना हो गए हैं। माना जा रहा है कि वे आज ही सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और जल्द शपथ ग्रहण की तारीख तय हो सकती है।
तमिलनाडु विधानसभा की कुल 234 सीटों में TVK ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि विजय खुद दो सीटों से चुनाव जीते थे, इसलिए उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। ऐसे में पार्टी के प्रभावी विधायकों की संख्या 107 रह गई थी। इसके बाद कांग्रेस के पांच विधायक, CPI और CPI(M) के दो-दो विधायक विजय के समर्थन में आ गए थे। इसके बावजूद TVK बहुमत से दो सीट पीछे थी। पिछले पांच दिनों से VCK और IUML के रुख पर सभी की नजर टिकी हुई थी। अब दोनों दलों के समर्थन से विजय के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
पांच दिन तक चला सियासी सस्पेंस
चुनाव परिणाम आने के बाद तमिलनाडु में लगातार राजनीतिक हलचल बनी हुई थी। चार मई को आए नतीजों में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। इसके बाद सरकार गठन को लेकर बातचीत का दौर शुरू हुआ। पांच मई को कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने की घोषणा की। छह मई को विधायक दल की बैठक में विजय को नेता चुना गया और उन्होंने राज्यपाल को 113 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा। अगले दो दिनों में समर्थन संख्या 116 तक पहुंची, लेकिन बहुमत अब भी दूर था। इसी बीच चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में विजय के शपथ ग्रहण की तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। हजारों समर्थक वहां पहुंच गए थे, लेकिन पर्याप्त समर्थन पत्र न होने के कारण कार्यक्रम टालना पड़ा। सात मई को भी ऐसा ही हुआ। लगातार दूसरे दिन शपथ ग्रहण स्थगित होने से समर्थकों में निराशा फैल गई थी। विपक्षी दलों ने भी TVK की रणनीति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।
VCK के रुख ने बढ़ाई थी बेचैनी
VCK के समर्थन को लेकर पिछले कई दिनों से चर्चाएं चल रही थीं। पार्टी प्रमुख थिरुमावलवन ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी पार्टी विजय को समर्थन देगी। हालांकि देर रात तक समर्थन का औपचारिक पत्र नहीं दिया गया था। इसी वजह से शपथ ग्रहण फिर टल गया। TVK खेमे में इसे लेकर बेचैनी बढ़ गई थी। पार्टी नेताओं का कहना था कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और सरकार गठन में देरी से अस्थिरता का संदेश जा रहा है। अब VCK और IUML दोनों के समर्थन से राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। TVK नेताओं का कहना है कि यह गठबंधन तमिलनाडु में नई राजनीति की शुरुआत करेगा। पार्टी का दावा है कि उसकी सरकार युवाओं, रोजगार, उद्योग और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देगी।
राज्यपाल से तीसरी मुलाकात के बाद बनी बात
विजय लगातार तीन दिनों तक राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर चुके हैं। हर बार उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। अब बहुमत साबित होने के बाद राज्यपाल के पास सरकार गठन का निमंत्रण देने का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, अगले 24 घंटे में मुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। TVK ने इस दौरान सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। पार्टी ने मांग की थी कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उसे सरकार बनाने का मौका दिया जाए। हालांकि अब समर्थन जुट जाने के बाद कानूनी विवाद की जरूरत लगभग खत्म हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय की एंट्री तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय ने पहली बार चुनाव लड़ते ही सत्ता के करीब पहुंचकर सभी को चौंका दिया है।
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