छत्तीसगढ़ में वेदांता प्लांट का बॉयलर फटा: ब्लास्ट में गई 11 मजदूरों की जान, सीएम विष्णुदेव साय ने उच्च स्तरीय जांच के दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ के नवगठित सक्ती जिले से हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां वेदांता पावर प्लांट में भीषण बॉयलर ब्लास्ट होने से कम से कम 11 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब प्लांट में शिफ्ट बदलने की प्रक्रिया चल रही थी और अचानक बॉयलर का दबाव अनियंत्रित होकर एक भीषण धमाके में तब्दील हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज आसपास के कई किलोमीटर तक सुनाई दी और प्लांट का एक हिस्सा पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गया। इस हादसे में कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पतालों और बेहतर इलाज के लिए राजधानी रायपुर रेफर किया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्लांट के भीतर अब भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।
धमाके से कांपा पूरा इलाका
सक्ती जिले के जांजगीर-चांपा सीमा पर स्थित वेदांता समूह के इस पावर प्लांट में आज का दिन काल बनकर आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक एक कान फोड़ देने वाला धमाका हुआ। बॉयलर फटने से गर्म भाप और लोहे के टुकड़े चारों तरफ फैल गए, जिससे वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मौके पर ही 8 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि अस्पताल ले जाते समय 3 अन्य की मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश स्थानीय और कुछ प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कलेक्टर और एसपी को मौके पर मौजूद रहने और घायलों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सीएम साय ने मृतकों के परिजनों के लिए तत्काल सहायता राशि (मुआवजा) और परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी देने की घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वाले अधिकारियों या प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों (Safety Norms) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि बॉयलर का मेंटेनेंस काफी समय से पेंडिंग था और प्रेशर गेज में तकनीकी खराबी की शिकायतें पहले भी आई थीं। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा ऑडिट की अनदेखी इस तबाही का मुख्य कारण हो सकती है। सक्ती जिला प्रशासन ने औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की एक विशेष टीम गठित की है जो अगले 48 घंटों में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपेगी।
पीड़ितों के परिजनों का फूटा गुस्सा
घटना के बाद प्लांट के बाहर मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई है। लोगों में प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश है और वे दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने एहतियात के तौर पर प्लांट के मुख्य गेट पर भारी बल तैनात कर दिया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। यह बॉयलर ब्लास्ट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास के दुखद दिनों में से एक है। जहां एक ओर रेस्क्यू टीम मलबे को हटाने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर पूरा प्रदेश इन गरीब मजदूरों की मौत से स्तब्ध है।
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