मेफेड्रोन केस में बड़ा खुलासा: सेलिब्रिटीज के खिलाफ नहीं मिले ठोस सबूत, नोरा फतेही और श्रद्धा कपूर के नाम थे शामिल

25 अप्रैल 2026
सेलिब्रिटीज के खिलाफ नहीं मिले ठोस सबूत, नोरा फतेही और श्रद्धा कपूर के नाम थे शामिल

मुंबई में सामने आए हाई-प्रोफाइल ड्रग्स केस में एक अहम अपडेट सामने आया है। मुंबई पुलिस एंटी नारकोटिक्स सेल ने साफ किया है कि जांच के दौरान जिन सेलिब्रिटीज के नाम सामने आए थे, उनके खिलाफ अब तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। यह मामला करीब 252 करोड़ रुपये के मेफेड्रोन ड्रग्स से जुड़ा है। इस केस में मुख्य आरोपी मोहम्मद सलीम मोहम्मद सुहैल शेख उर्फ लैविश है। एजेंसी जल्द ही उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि केवल आरोपी के बयान के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

जांच एजेंसियों के मुताबिक लैविश एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। उसे यूएई से भारत लाया गया था। वह फरार ड्रग माफिया सलीम डोला का करीबी माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह नेटवर्क दुबई से ऑपरेट हो रहा था। इसमें ड्रग्स की मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन का पूरा सिस्टम शामिल था। चार्जशीट में इन सभी पहलुओं की डिटेल जानकारी दी जाएगी। साथ ही हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन के भी सबूत शामिल किए जाएंगे।

सेलिब्रिटीज के नाम कैसे आए सामने

जांच के दौरान आरोपी ने कई हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम लिए थे। इनमें नोरा फतेही और श्रद्धा कपूर जैसे बड़े नाम शामिल थे। इसके अलावा फिल्ममेकर जोड़ी अब्बास-मस्तान और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी का नाम भी सामने आया था। बताया गया कि आरोपी ने दुबई और मुंबई में कुछ पार्टियां आयोजित की थीं। इन पार्टियों में इन हस्तियों की मौजूदगी का दावा किया गया। हालांकि जांच में इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी।

एजेंसी का स्पष्ट रुख

अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी सेलिब्रिटी के खिलाफ अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। केवल बयान के आधार पर कानूनी कार्रवाई संभव नहीं है। इसलिए चार्जशीट में उन्हीं तथ्यों को शामिल किया जाएगा, जिनके पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। एजेंसी ने यह भी कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। किसी भी व्यक्ति को बिना प्रमाण के आरोपी नहीं बनाया जाएगा।

नोरा फतेही ने दी थी सफाई

इस मामले में नाम आने के बाद नोरा फतेही ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि उनका ऐसे किसी भी नेटवर्क से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका नाम बिना वजह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि बिना पुष्टि के खबरों पर भरोसा न करें।

क्या है पूरा मामला

इस केस की शुरुआत अगस्त 2022 में हुई थी। उस समय मुंबई में एक व्यक्ति को मेफेड्रोन ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। मार्च 2024 में महाराष्ट्र के सांगली जिले में एक फैक्ट्री पकड़ी गई। यहां से भारी मात्रा में ड्रग्स और संपत्ति जब्त की गई। इसकी कुल कीमत 250 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई थी। जांच में सामने आया कि यह यूनिट अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ी थी।

नव्य जागरण

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