संगीत निर्देशक शांतनु मोइत्रा को मिला पुरस्कार: 'राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण सम्मान' से हुये सम्मानित, संगीतकार ने विज्ञापन जगत से की थी करियर की शुरूआत

'राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण सम्मान' से हुये सम्मानित, संगीतकार ने विज्ञापन जगत से की थी करियर की शुरूआत

संगीत निर्देशक शांतनु मोइत्रा को मध्य प्रदेश सरकार ने सुगम संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'राष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण सम्मान 2026' से सम्मानित किया है। स्वर कोकिला लता मंगेशकर की 97वीं जयंती के अवसर पर, उनकी जन्मस्थली इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया। इस सम्मान के तहत उन्हें पांच लाख की कर-मुक्त नकद राशि और एक प्रशस्ति पट्टिका भेंट की गई।

22 जनवरी 1968 को लखनऊ में जन्मे शांतनु मोइत्रा भारतीय फिल्म उद्योग के एक बेहद लोकप्रिय और सम्मानित संगीतकार, पियानोवादक और बैकग्राउंड स्कोरर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत विज्ञापन जगत से की थी, लेकिन बाद में उन्होंने फिल्मों में अपनी जादुई धुनों से एक खास पहचान बनाई।

लता जी के गानों में झलकती थी विविधता

लता मंगेशकर को याद करते हुए मोहन यादव ने कहा कि उनके गीतों में जीवन के हर रंग की झलक मिलती थी। इनमें ईश्वर की भक्ति, देशभक्ति, दोस्ती, खुशी, प्रेम और विरह जैसे भाव शामिल थे। शास्त्रीय और हल्के संगीत से लेकर लोक संगीत तक, उनके गायन में विविधता देखने को मिलती थी।'

सम्मान के लिए सरकार का प्रकट किया आभार

मोहन यादव ने शांतनु मोइत्रा के भारतीय संगीत में योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मोइत्रा ने अपनी प्रतिभा से देश के संगीत जगत को समृद्ध किया है। वहीं, संगीतकार मोइत्रा ने सम्मान के लिए मध्य प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर के नाम पर उनकी जन्मस्थली में और उनकी जयंती के दिन पुरस्कार मिलना उनके लिए भावुक और गर्व का पल है।

शांतनु मोइत्रा की प्रसिद्ध फिल्में और संगीत

इनकी प्रसिद्ध फिल्मों की बात करें तो 'परिणीता', '3 इडियट्स', 'लगे रहो मुन्ना भाई', 'पीकू', 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी', 'मद्रास कैफे' और हालिया सुपरहिट फिल्म '12वीं फेल' हैं। फेमस गानों व एल्बम की बात करें तो, शुभा मुद्गल द्वारा गाए गए प्राइवेट एल्बम 'मन के मंजीरे' और 'अब के सावन' हैं। इसके अलावा उनके द्वारा कंपोज किया गया गाना 'बावरा मन' और 'शिव तांडव स्तोत्रम' का रूपांतरण बेहद लोकप्रिय हैं।

संस्कृति विभाग ने 1984 में की थी पुरस्कार की शुरूआत

राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार की शुरुआत मध्य प्रदेश के संस्कृति विभाग ने 1984 में की थी। यह पुरस्कार हर साल हल्के संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है। अब तक नौशाद, किशोर कुमार, सोनू निगम, एआर रहमान, अनु मलिक, उदित नारायण और आशा भोसले समेत कई प्रसिद्ध कलाकारों को यह पुरस्कार मिल चुका है।

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