दोहा वार्ता के बाद ईरान को राहत: 6 अरब डॉलर से खरीदेगा जरूरी सामान, समझौते की निगरानी के लिए बनेगी नई कमेटी

अमेरिका-ईरान समझौते के तहत जारी होने वाली छह अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों के उपयोग को लेकर कतर की राजधानी दोहा में अहम सहमति बनी है। ईरान ने कहा है कि इस राशि का एक हिस्सा आवश्यक वस्तुओं की खरीद पर खर्च किया जाएगा। वहीं, समझौते के पालन की निगरानी के लिए अलग कमेटी गठित की जाएगी।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि दोहा में कतर के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तय किया गया कि फ्रीज फंड का इस्तेमाल देश की जरूरतों के अनुरूप आवश्यक सामान खरीदने में किया जाएगा। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसने समझौते की कुछ शर्तों, विशेषकर लेबनान में युद्ध रोकने से जुड़े प्रावधानों का पालन नहीं किया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समझौते के उल्लंघन की निगरानी के लिए आज एक अलग कमेटी बनाई जाएगी। जहां किसी भी पक्ष द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी।
अमेरिका और ईरान के बीच नहीं हुई सीधी बातचीत
गरीबाबादी ने स्पष्ट किया कि दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच कोई प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हुई। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से अलग-अलग चरणों में कराई गई। अमेरिका की ओर से मध्य-पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हुए। वहीं, ईरान की ओर से तकनीकी टीम का नेतृत्व स्वयं गरीबाबादी ने किया। विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ इस वार्ता में शामिल नहीं हुए।
इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
तकनीकी स्तर की इस अप्रत्यक्ष वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, छह अरब डॉलर के फ्रीज फंड, लेबनान में जारी संघर्ष तथा अमेरिका-ईरान समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करने जैसे प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़े तनाव के बीच इस वार्ता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सकारात्मक संकेत से गिरे कच्चे तेल के दाम
दोहा वार्ता से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब एक प्रतिशत गिरकर 70.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.2 प्रतिशत टूटकर 67.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार में ब्रेंट क्रूड को प्रमुख बेंचमार्क माना जाता है। दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत तेल कारोबार की कीमत इसी के आधार पर तय होती है।
होर्मुज को लेकर ईरान का सख्त रुख
इस बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर भी अपना रुख दोहराया। काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है, न कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड के। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति अमेरिका की सैन्य मौजूदगी से नहीं, बल्कि उसके पीछे हटने और क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता का सम्मान करने से स्थापित होगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में बहरीन में सऊदी अरब, यूएई, कतर, लेबनान और सीरिया समेत 12 देशों के सैन्य अधिकारियों ने बैठक कर होर्मुज स्ट्रेट में निर्बाध समुद्री व्यापार बनाए रखने पर सहमति जताई थी।
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