नींद की ये खराब आदतें हैं ADHD का इशारा: एक्सपर्ट्स की वॉर्निंग, हल्के में न लें ये लक्षण

अक्सर लोग नींद से जुड़ी परेशानियों को सामान्य थकान, तनाव या बदलती जीवनशैली का हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ स्थितियों में ये समस्याएं अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) का संकेत भी हो सकती हैं। लगातार नींद में गड़बड़ी, मानसिक बेचैनी और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसे लक्षणों को हल्के में लेना आगे चलकर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई लोग निम्नलिखित नींद संबंधी समस्याओं को सामान्य मान लेते हैं। जबकि ये किसी गहरी समस्या की ओर इशारा कर सकती हैं। इनमें देर रात तक नींद न आना, बिस्तर पर जाते ही दिमाग का अत्यधिक सक्रिय हो जाना और लगातार विचारों का दौड़ते रहना शामिल है। इसके अलावा रात में बार-बार नींद टूटना, सुबह अलार्म के बावजूद बिस्तर से उठने में कठिनाई महसूस होना और दिनभर थकान और सुस्ती बने रहना भी ऐसे संकेत हैं। जिन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
ADHD और नींद का संबंध
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ADHD केवल ध्यान और व्यवहार से जुड़ी समस्या नहीं है। इसका सीधा प्रभाव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और शरीर की जैविक घड़ी यानी सर्कैडियन रिद्म पर भी पड़ता है। इस स्थिति में व्यक्ति का स्लीप-वेक साइकिल प्रभावित हो जाता है। जिससे नींद आने और जागने की प्राकृतिक प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इसी कारण मरीजों में अनियमित नींद, मानसिक अस्थिरता और लगातार थकान जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। न्यूरोलॉजिस्ट के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक नींद से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं। इसके साथ ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, अत्यधिक बेचैनी या भूलने की आदत जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उनका कहना है कि यह स्थिति ADHD का संकेत हो सकती है और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
एक्सपट के अनुसार यदि नींद की समस्या के साथ-साथ व्यक्ति को किसी भी काम में फोकस करने में कठिनाई हो रही हो, लगातार मानसिक बेचैनी महसूस हो रही हो और छोटी-छोटी बातें भूलने की आदत बढ़ रही हो, तो यह स्थिति चेतावनी संकेत मानी जानी चाहिए। ऐसी परिस्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना अत्यंत जरूरी है। जिससे सही निदान और उपचार समय पर शुरू किया जा सके।
समय पर इलाज से मिल सकता है बड़ा फायदा
चिकित्सकों का कहना है कि यदि ADHD या उससे जुड़ी नींद की समस्याओं का समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए, तो स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है। सही इलाज से न केवल नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि व्यक्ति की कार्यक्षमता, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि यदि नींद लंबे समय से बिगड़ी हुई है और दिमाग लगातार अस्थिर महसूस हो रहा है, तो इसे सामान्य समस्या मानकर अनदेखा न करें। तुरंत एक्सपर्ट से संपर्क करें।
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