गोरखपुर में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का फूटा गुस्सा: पदयात्रा के जरिए जताया विरोध, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग

राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के विरोध में सोमवार को गोरखपुर में छात्रों और नागरिकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से अंबेडकर चौक तक पदयात्रा निकालकर प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने तथा पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई।
दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई पदयात्रा में बड़ी संख्या में छात्र और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा से जुड़े नारे लगाए। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया गया।
पेपर लीक से टूट रहा युवाओं का भरोसा
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में NEET, NET समेत कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल कमजोर हो रहा है और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पेपर लीक मामलों में जिम्मेदारी तय की जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
प्रदर्शन में शामिल छात्र ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के अधिकारों को लेकर चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे। प्रदर्शन के अंत में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की गई। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, पेपर लीक पर स्थायी रोक लगाने के लिए कठोर नीति लागू करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन पर कई छात्रों और नागरिकों के हस्ताक्षर दर्ज रहे।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









