हार्ट फेलियर के संकेतों को न करें नजरअंदाज: हार्ट की कार्यक्षमता घटने से थमता है ऑक्सीजन का प्रवाह, तुरंत लें एक्सपर्ट्स की सलाह

निवेदिता चंद|1 घंटा पहले
हार्ट की कार्यक्षमता घटने से थमता है ऑक्सीजन का प्रवाह,  तुरंत लें एक्सपर्ट्स की सलाह

बदलती जीवनशैली, बढ़ता मानसिक तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हृदय रोगों के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियां अचानक नहीं होतीं है। शरीर पहले से कई संकेत देता है। दुर्भाग्यवश अधिकांश लोग इन शुरुआती लक्षणों को सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जिसके कारण बाद में स्थिति गंभीर हो जाती है। समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए तो हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार हृदय शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। जो लगातार रक्त का संचार कर सभी अंगों तक ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाता है। जब इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है तो शरीर में कई तरह के बदलाव दिखाई देने लगते हैं। ऐसे संकेतों को पहचानना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है।

सीने में दर्द और सांस फूलना हो सकता है चेतावनी संकेत

सीने में दर्द, जकड़न, दबाव या भारीपन महसूस होना हृदय रोग का सबसे सामान्य लक्षण माना जाता है। कई बार यह दर्द कंधों, गर्दन, पीठ या हाथों तक भी फैल सकता है। यदि यह समस्या बार-बार हो रही है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके अलावा सामान्य शारीरिक गतिविधि या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना भी दिल की कमजोरी का संकेत हो सकता है। जब हृदय पर्याप्त मात्रा में रक्त पंप नहीं कर पाता, तब फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सांस लेने में कठिनाई महसूस होती है।

लगातार थकान और अनियमित धड़कन भी गंभीर संकेत

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पर्याप्त आराम के बावजूद यदि लगातार थकान बनी रहती है तो यह भी हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। हृदय की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर के विभिन्न अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। जिससे व्यक्ति को कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस होती है। इसके अलावा दिल की धड़कन का अचानक तेज होना, बहुत धीमा होना या अनियमित महसूस होना भी चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति बार-बार होने पर तत्काल मेडिकल जांच करानी चाहिए। क्योंकि यह हृदय की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है।

पैरों और टखनों की सूजन को न करें नजरअंदाज

हार्ट फेलियर के शुरुआती लक्षणों में पैरों, टखनों और पंजों में सूजन भी शामिल है। हृदय की क्षमता प्रभावित होने पर शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं। जिससे सूजन की समस्या उत्पन्न होती है। कई लोग इसे सामान्य थकान का परिणाम मान लेते हैं। यह गंभीर हृदय रोग की चेतावनी हो सकती है।

स्वस्थ दिल के लिए अपनाएं ये आदतें

चिकित्सकों का कहना है कि संतुलित और पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही धूम्रपान, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखना भी आवश्यक है। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराने से संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान की जा सकती है। एक्सपर्ट्स ने लोगों को सलाह दी है कि यदि सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक थकान, अनियमित धड़कन या शरीर में सूजन जैसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उचित ट्रीटमेंट से गंभीर हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जीवन को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

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