दांतों की सेहत पर बढ़ता खतरा: चीनी और खराब ओरल हाइजीन सबसे बड़ी वजह, दुनियाभर में 2.5 अरब लोग कैविटी से परेशान

दांत शरीर के सबसे मजबूत अंगों में गिने जाते हैं। इन्हें देखकर अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब दांत इतने कठोर होते हैं तो फिर इनमें सड़न कैसे लग जाती है। एक्कासपर्ट का कहना है कि दांत भले ही पत्थर जैसे मजबूत दिखाई देते हों, लेकिन उनकी संरचना जीवित ऊतकों और खनिजों से मिलकर बनी होती है। यही कारण है कि गलत खान-पान और खराब ओरल हाइजीन के चलते उनमें धीरे-धीरे क्षति होने लगती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार दुनियाभर में करीब 3.5 अरब लोग किसी न किसी प्रकार की मौखिक बीमारी से प्रभावित हैं। जिनमें दांतों की सड़न सबसे आम समस्या है। अनुमान है कि लगभग 2.5 अरब लोग कैविटी की समस्या का सामना कर रहे हैं।
दंत विशेषज्ञों के मुताबिक दांतों की सड़न का सबसे प्रमुख कारण अत्यधिक चीनी का सेवन है। चॉकलेट, टॉफी, मिठाई, बिस्कुट, कुकीज और कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजों में मौजूद शर्करा दांतों की सतह पर चिपक जाती है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया इन शर्कराओं को तोड़कर एसिड बनाते हैं। यही एसिड दांतों की बाहरी सुरक्षात्मक परत यानी इनैमल पर हमला करता है और धीरे-धीरे उसे कमजोर कर देता है। समय के साथ यह प्रक्रिया कैविटी का रूप ले लेती है। रिपोर्ट के अनुसार बार-बार मीठा खाने वाले लोगों में दांतों की सड़न का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
दांतों की सफाई में लापरवाही भी बनती है वजह
एक्सपर्ट्स का कहना है कि केवल खान-पान ही नहीं, दांतों की उचित सफाई न करना भी सड़न का बड़ा कारण है। भोजन के बाद यदि दांतों के बीच फंसे कणों को साफ नहीं किया जाता तो उन पर बैक्टीरिया जमा होकर प्लाक बनाते हैं। यह एक चिपचिपी परत होती है जो लगातार दांतों पर बनी रहती है। यदि नियमित ब्रशिंग और फ्लॉसिंग के जरिए इसे नहीं हटाया जाए तो बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं और इनैमल को नुकसान पहुंचाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दिन में दो बार ब्रश करना और रात में सोने से पहले दांतों की सफाई करना बेहद जरूरी है।
बार-बार स्नैकिंग की आदत भी नुकसानदेह
आजकल कई लोग दिनभर कुछ न कुछ खाते रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हर बार भोजन या स्नैक लेने पर मुंह में बैक्टीरिया सक्रिय होकर एसिड बनाना शुरू कर देते हैं। सामान्य परिस्थितियों में लार इस एसिड को निष्क्रिय कर देती है। लेकिन लगातार खाने की आदत के कारण लार को पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। ऐसे में दांतों की सुरक्षात्मक परत धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है और सड़न का खतरा बढ़ जाता है।
कैसे करें दांतों की सुरक्षा
दंत चिकित्सकों की सलाह है कि दांतों को स्वस्थ रखने के लिए मीठी चीजों का सीमित सेवन करें। दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें, फ्लॉस का इस्तेमाल करें। नियमित रूप से दंत परीक्षण कराते रहें। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और संतुलित आहार लेना भी दांतों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने में मददगार साबित होता है।
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