भारतीय चीज का दुनिया में बढ़ा मान: ब्राजील में मिला इंटरनेशनल सम्मान, पीएम मोदी ने की सराहना

1 घंटा पहले
ब्राजील में मिला इंटरनेशनल सम्मान, पीएम मोदी ने की सराहना

भारतीय पारंपरिक खाद्य उत्पाद अब वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। हाल ही में ब्राजील में आयोजित एक प्रतिष्ठित इंटरनेशनल चीज प्रतियोगिता में भारतीय चीज की दो वैरायटी को सम्मान मिलने के बाद देशभर में इसकी चर्चा तेज हो गई है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने भारतीय चीज उद्योग की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत के स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक स्तर पर अपनी गुणवत्ता और विशिष्टता के दम पर पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इसे ‘लोकल से ग्लोबल’ अभियान की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। विश्वास जताया कि भारतीय चीज का अनूठा स्वाद दुनिया भर के उपभोक्ताओं को आकर्षित करेगा।

भारत में चीज बनाने की परंपरा सदियों पुरानी है। विभिन्न राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों तथा समुदायों के अनुसार इसकी अलग-अलग वैरायटी विकसित हुई हैं। जम्मू-कश्मीर की प्रसिद्ध ‘कलारी’ चीज इनमें सबसे चर्चित मानी जाती है। अपने विशिष्ट स्वाद और मुलायम बनावट के कारण इसे ‘कश्मीर का मोजरेला’ भी कहा जाता है। गुर्जर-बकरवाल समुदाय पीढ़ियों से पारंपरिक तकनीकों के जरिए इसका निर्माण करता आ रहा है। वहीं हिमालयी क्षेत्रों में मिलने वाली ‘चुरपी’ चीज भी अपनी अलग पहचान रखती है। याक के दूध से तैयार होने वाली यह चीज लद्दाख, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। अपनी विशिष्ट बनावट के कारण अन्य चीज उत्पादों से अलग नजर आती है।

पश्चिम और पूर्वी भारत की खास पहचान

महाराष्ट्र और गुजरात में तैयार होने वाली ‘टोपली नु पनीर’ या ‘सुरती चीज’ भी भारतीय डेयरी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका स्वाद और निर्माण प्रक्रिया इसे विशेष बनाती है। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल का ऐतिहासिक ‘बंडेल चीज’ अपने नमकीन और स्मोकी फ्लेवर के लिए जाना जाता है। हुगली जिले के बंडेल क्षेत्र में तैयार होने वाली इस चीज का इतिहास पुर्तगाली प्रभाव से जुड़ा हुआ है। इसे धुएं में पकाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता है। कालिम्पोंग की प्रसिद्ध चीज भी अपनी अलग पहचान रखती है। जिसका स्वाद यूरोपीय गौडा चीज से मिलता-जुलता माना जाता है। इसके अलावा कश्मीर की ‘कुदम’ चीज अपनी टिकाऊ गुणवत्ता और अनूठी बनावट के कारण स्थानीय स्तर पर काफी लोकप्रिय है।

वैश्विक बाजार में बढ़ रही भारतीय उत्पादों की मांग

खाद्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय चीज की बढ़ती लोकप्रियता देश के डेयरी उद्योग के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है। इंटरनेशनल मंचों पर मिल रही पहचान से न केवल स्थानीय उत्पादकों को लाभ मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि भारत की पारंपरिक खाद्य विरासत, गुणवत्ता और नवाचार का संगम दुनिया को नया अनुभव देने में सक्षम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारतीय चीज वैश्विक खाद्य बाजार में एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित होगी। दुनिया को भारत के समृद्ध स्वाद और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

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