हार्ट हेल्थ के लिए ‘लेबल रीडिंग’ जरूरी: स्मार्ट शॉपिंग ही है हेल्दी हार्ट की शुरुआत, हार्ट के लिए खतरनाक होता है फैट

अगर आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत आपके रोजमर्रा के खाने से होती है। आजकल सुपरमार्केट में पैकेटबंद फूड्स की भरमार है। हर प्रोडक्ट खुद को ‘डाइट’, ‘लो-फैट’ या ‘हेल्दी’ बताता है। लेकिन असली सच्चाई पैकेट के पीछे लिखे छोटे-छोटे शब्दों में छिपी होती है। अक्सर लोग फ्रंट पैकेजिंग देखकर प्रोडक्ट खरीद लेते हैं। वे न्यूट्रिशन लेबल को नजरअंदाज कर देते हैं। यही सबसे बड़ी गलती बन जाती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के अनुसार, लोग अनजाने में ऐसे फूड्स खा रहे हैं जो धीरे-धीरे हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
न्यूट्रिशन लेबल किसी भी पैकेटबंद खाने का पूरा बायोडाटा होता है। इसमें बताया जाता है कि उस प्रोडक्ट में कितनी कैलोरी, फैट, शुगर और नमक है। हम सोचते हैं कि ‘डाइट चिवड़ा’ या ‘ओट्स बिस्किट’ हेल्दी हैं। लेकिन जब लेबल पढ़ते हैं, तो पता चलता है कि उनमें ज्यादा नमक, शुगर और खराब फैट मौजूद है। इसलिए अगली बार जब भी कुछ खरीदें, तो पैकेट पलटकर लेबल जरूर पढ़ें। यह छोटी आदत आपके दिल को बड़ी बीमारी से बचा सकती है।
छिपे हुए फैट का खतरा
हमारे हार्ट के सबसे बड़े दुश्मन हैं 'सैचुरेटेड फैट' और 'ट्रांस फैट'। ये दोनों फैट शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। कई बार पैकेट पर “0% कोलेस्ट्रॉल” लिखा होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह पूरी तरह सुरक्षित है। अंदर ट्रांस फैट हो सकता है, जो और भी ज्यादा खतरनाक होता है। बेकरी आइटम, नमकीन, कुकीज़ और रेडी-टू-ईट फूड्स में अक्सर ऐसे फैट छिपे होते हैं। इन्हें बनाने के लिए तेल को प्रोसेस किया जाता है, जिससे ट्रांस फैट बनता है।
इन प्रोडक्ट्स को खरीदने से पहले जरूर सोचें
कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें बिना लेबल पढ़े कभी नहीं खरीदना चाहिए। जैसे- केक, बिस्कुट और पेस्ट्री जैसे बेकरी प्रोडक्ट्स। पैकेट वाले स्नैक्स जैसे चिप्स और नमकीन। रेडी-टू-ईट फूड्स जैसे नूडल्स, फ्रोजन मील्स और पिज्जा। इसके अलावा स्प्रेड्स और मार्जरीन में भी ट्रांस फैट ज्यादा हो सकता है। इसलिए इन प्रोडक्ट्स को खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
लेबल पढ़ते समय इन तीन बातों का रखें ध्यान
हार्ट हेल्थ के लिए आपको बस कुछ आसान आदतें अपनानी हैं।
- सर्विंग साइज जरूर देखें। कई बार पैकेट पर जो फैट लिखा होता है, वह सिर्फ एक छोटी मात्रा के लिए होता है। लेकिन हम पूरा पैकेट खा जाते हैं।
- ट्रांस फैट हमेशा जीरो ग्राम होना चाहिए। अगर लेबल में ट्रांस फैट दिखे, तो उसे खरीदने से बचें।
- इंग्रीडिएंट लिस्ट पढ़ें। अगर उसमें “पार्शियली हाइड्रोजेनेटेड ऑयल” लिखा हो, तो समझ जाएं कि उसमें ट्रांस फैट मौजूद है।











