आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा: आईएफएस अधिकारी और चालक की मौत, एयरबैग खुलने पर भी नहीं बची जान

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक खौफनाक सड़क हादसा सामने आया है। इस भीषण दुर्घटना में इटावा के प्रभागीय वनाधिकारी व आईएफएस अधिकारी विकास नायक (36) और उनके चालक देवांश सिंह (26) की दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि अधिकारी की कार करीब 10 फीट हवा में उछलकर नीचे गिरी। गाड़ी के एयरबैग भी खुले, लेकिन ऊंचाई से गिरने और भीषण टक्कर के कारण दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस और यूपीडा से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना फिरोजाबाद जिले के नगला खंगर थाना क्षेत्र में हुई। मूल रूप से राजस्थान के नागौर के रहने वाले डीएफओ और आईएफएस अधिकारी विकास नायक अपनी आधिकारिक कार से लखनऊ से नोएडा की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान, विपरीत दिशा से आ रही एक स्कॉर्पियो कार के चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई। रफ्तार तेज होने के कारण अनियंत्रित स्कॉर्पियो बीच का मजबूत डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में घुस गई और सीधे डीएफओ की गाड़ी से जा टकराई।
दस फीट हवा में उछली कार
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आमने-सामने की टक्कर इतनी भीषण थी कि डीएफओ की गाड़ी जोरदार झटके के साथ करीब 10 फीट ऊपर हवा में उछल गई। कार में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और हादसे के समय एयरबैग भी समय पर खुल गए थे, लेकिन इतनी ऊंचाई से गाड़ी के सीधे जमीन पर गिरने और दूसरी गाड़ी के मलबे के नीचे दबने के कारण आई गंभीर चोटों की वजह से आईएफएस अधिकारी विकास नायक और चालक देवांश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल
इस भीषण टक्कर में डीएफओ की गाड़ी में सवार सहकर्मी की बुजुर्ग मां केशवती (65) गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके अलावा स्कॉर्पियो में सवार कोलकाता निवासी डेविड डिसूजा और उनकी पत्नी भी चोटिल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
2025 में इटावा में हुई थी तैनाती
36 वर्षीय आईएफएस अधिकारी विकास नायक जून 2025 में इटावा में तैनात हुए थे। अपने करीब सवा साल के कार्यकाल में उन्होंने इटावा सफारी के पास संरक्षित वन भूमि से एक अवैध मजार हटवाने के फैसले को लेकर काफी सुर्खियां बटोरी थीं और वे बेहद लोकप्रिय अधिकारी थे। हादसे की खबर मिलते ही जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत वन विभाग के तमाम आला अधिकारी सैफई मेडिकल कॉलेज पहुंचे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।










