बस्ती के किसान का कमाल: विकसित की गन्ने की नई प्रजाति ‘कप्तान-बस्ती', नेशनल लेवल पर मिली पहचान

खरका देवरी गांव के प्रगतिशील किसान आज्ञाराम वर्मा ने कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए गन्ने की नई उन्नत प्रजाति ‘कप्तान-बस्ती’ विकसित की है। उनकी इस नवाचारपूर्ण खोज को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (पीपीवी एंड एफआरए) ने आधिकारिक मान्यता प्रदान की है। प्राधिकरण ने इस प्रजाति का पंजीकरण कर प्रमाणपत्र जारी किया है। जिससे आज्ञाराम वर्मा को वर्ष 2041 तक इस किस्म पर विशेष अधिकार प्राप्त हो गए हैं।
किसान आज्ञाराम वर्मा के अनुसार ‘कप्तान-बस्ती’ प्रजाति की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उच्च उत्पादन क्षमता है। इस प्रजाति के एक पौधे में 15 से अधिक कल्ले निकलते हैं। जिससे प्रति एकड़ उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। अनुकूल परिस्थितियों में यह गन्ना 1400 से 1500 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन देने में सक्षम है। इसके अलावा एक बार बुआई करने के बाद चार बार तक पेड़ी फसल ली जा सकती है। जिससे किसानों की लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है।
वैज्ञानिक परीक्षणों में भी साबित हुई उत्कृष्ट
‘कप्तान-बस्ती’ प्रजाति का तीन वर्षों तक विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों में परीक्षण किया गया। गन्ना अनुसंधान केंद्र लखनऊ और करनाल स्थित अनुसंधान संस्थान में हुए परीक्षणों में इसकी गुणवत्ता और उत्पादकता का मूल्यांकन किया गया। प्रयोगशाला जांच में इस प्रजाति की प्योरिटी 88 प्रतिशत तथा जूस की मात्रा 60 प्रतिशत से अधिक पाई गई। जिसके बाद इसे पंजीकरण के लिए उपयुक्त माना गया।
किसानों में उत्साह का माहौल
आज्ञाराम वर्मा ने अपनी सफलता को वर्षों की मेहनत, शोध और समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रजाति भविष्य में गन्ना किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन क्षमता में सुधार लाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी इस उपलब्धि से बस्ती जिले के साथ-साथ प्रदेश के किसानों में भी उत्साह का माहौल है।











