बस्ती में मां ने इकलौते बेटे की ली जान: चाकू से रेता गला, फिर खुद को मारने का किया प्रयास

कप्तानगंज क्षेत्र का हरदी खास गांव बुधवार सुबह दहल उठा। पूर्व प्रधान संदीप सिंह के घर चीख-पुकार मच गई। गृहकलह के बीच पत्नी कीर्ति सिंह ने खौफनाक कदम उठा लिया। छह साल के बेटे प्रभव की चाकू से हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने खुद को भी घायल कर लिया। पुलिस ने आरोपी मां के खिलाफ केस दर्ज किया। गांव में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।
जानकारी के अनुसार, सुबह पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद संदीप सिंह पोल्ट्री फार्म चले गए। घर में पत्नी कीर्ति, बेटा प्रभव और बुजुर्ग मां थीं। इसी दौरान कीर्ति बेटे को लेकर कमरे में चली गई। उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद कमरे से रोने की आवाज आने लगी। आवाज सुनकर सास सुनैना देवी घबरा गईं। उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। मासूम प्रभव खून से लथपथ पड़ा था। पास में घायल हालत में कीर्ति बैठी थी। उसके गले और हाथ पर भी चोट के निशान थे। पुलिस ने बच्चे को तुरंत कब्जे में लिया। बाद में बॉडी पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घायल कीर्ति को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। देर शाम तबीयत सुधरने पर उसे बस्ती मेडिकल कॉलेज लाया गया।
गृहकलह बना वारदात की बड़ी वजह
पुलिस शुरुआती जांच में गृहकलह को वजह मान रही है। बताया जा रहा, परिवार में लंबे समय से तनाव था। पहले सास-बहू के रिश्ते बिगड़े थे। बाद में पति-पत्नी के बीच भी मनमुटाव बढ़ गया। बुधवार सुबह भी किसी बात पर कहासुनी हुई थी। इसके बाद हालात बेकाबू हो गए। पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। पूर्व प्रधान संदीप सिंह गांव में पोल्ट्री फार्म चलाते हैं। वह मछली पालन का भी कारोबार करते हैं। परिवार में उनकी बुजुर्ग मां, पत्नी और बेटा रहते थे। पांच साल पहले उनके पिता का निधन हो चुका है। संदीप अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। उनकी बहन की शादी गोंडा जिले में हुई है। कीर्ति की शादी वर्ष 2019 में हुई थी। शादी के एक साल बाद प्रभव का जन्म हुआ था।
गांव में पसरा सन्नाटा
छह साल का प्रभव कक्षा एक का छात्र था। पड़ोसियों के अनुसार वह बेहद चंचल स्वभाव का था। सभी से हंसकर मिलता था। परिवार का इकलौता बेटा होने से घर में सबका दुलारा था। तीन दिन से उसे बुखार था। इसी वजह से वह स्कूल नहीं जा रहा था। बुधवार सुबह किसी को अंदाजा नहीं था कि घर में इतनी बड़ी वारदात हो जाएगी। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। लोग घरों से निकल आए। पुलिस अधिकारियों का आना-जाना शुरू हो गया। एएसपी श्यामकांत, सीओ कलवारी संजय सिंह और थानाध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी जांच की। गांव के लोग खुलकर कुछ बोलने से बचते रहे। हालांकि, हर किसी की आंखों में दर्द साफ दिखा।
बेटे के खून से कांप उठी मां
बताया जा रहा, वारदात के बाद कीर्ति खुद भी घबरा गई थी। बेटे का खून देखकर वह बदहवास हो गई। उसने अपने गले पर चाकू से वार किया। हाथ की नस काटने की भी कोशिश की। कमरे से रोने की आवाज आने लगी। इसी आवाज ने घरवालों को अनहोनी का संकेत दिया। समय रहते दरवाजा तोड़ा गया। नहीं तो घटना और भयावह हो सकती थी। कप्तानगंज पुलिस ने देर शाम केस दर्ज किया। पति संदीप सिंह की तहरीर पर कार्रवाई हुई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। गांव में इस वारदात की चर्चा पूरे दिन होती रही। मासूम प्रभव की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया।
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