बस्ती में 33.62 लाख का सरकारी घोटाला: पूर्व प्रधान को प्रशासक पद से किया बर्खास्त, जेठ की फर्म को किया था भुगतान

बस्ती|17 सितंबर 2026
पूर्व प्रधान को प्रशासक पद से किया बर्खास्त, जेठ की फर्म को किया था भुगतान

बर्दिया लोहार ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितता की अंतिम जांच में दोषी पाई गईं पूर्व प्रधान अंजली को अब प्रशासक पद से हटा दिया गया है। जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत दुबौलिया को अगले आदेश तक ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया है। पूर्व प्रधान पर अपने जेठ की फर्म को अलग-अलग तारीखों में कुल 33 लाख 62 हजार 657 रुपये का भुगतान कराने का आरोप जांच में सही पाया गया था। प्रशासन पहले ही इस रकम की वसूली का आदेश जारी कर चुका है।

अंतिम जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत के कार्यों के लिए अंजली ने अपने पति के बड़े भाई की फर्म का चयन किया था। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में फर्म को कुल 33 लाख 62 हजार 657 रुपये का भुगतान किया गया। जांच में इन भुगतानों को वित्तीय अनियमितता माना गया। इसके अलावा पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों की मजदूरी भी उनके निजी बैंक खाते में लिए जाने का मामला सामने आया था।

हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

वित्तीय अनियमितता के मामले में जिलाधिकारी ने अप्रैल 2025 में अंजली के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार रोक दिए थे। इसके बावजूद ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होने के बाद उन्हें बर्दिया लोहार का प्रशासक बना दिया गया। इस नियुक्ति को लेकर सवाल उठे और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। याचिकाकर्ता सूरज सिंह ने 22 मई 2026 को प्रशासक नियुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

याचिका के बाद बदला गया प्रशासक

सूरज सिंह की याचिका के बाद प्रशासक बनाए जाने के संबंध में अवमानना याचिका भी दाखिल की गई। इसमें पूर्व प्रधान के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का उल्लेख किया गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने अंजली को प्रशासक पद से हटाने का आदेश जारी किया और नए प्रशासक की नियुक्ति कर दी।

एडीओ पंचायत को मिली जिम्मेदारी

अब सहायक विकास अधिकारी पंचायत दुबौलिया बर्दिया लोहार ग्राम पंचायत के प्रशासक के रूप में काम करेंगे। उन्हें अगले आदेश तक यह जिम्मेदारी दी गई है। ग्राम पंचायत के प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज की जिम्मेदारी अब एडीओ पंचायत के पास रहेगी। पूर्व प्रधान से 33.62 लाख रुपये की वसूली का आदेश पहले ही जारी हो चुका है।

नव्य जागरण

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