देवरिया में युवक की मौत पर बवाल: परिजनों ने रोका अंतिम संस्कार, मुआवजा और नौकरी की मांग की

खुखुन्दू थाना क्षेत्र के पुरैनी गांव में बिजली के टूटे तार की चपेट में युवक की मौत के बाद गुरुवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। देर शाम तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता चलती रही।
मृतक की पहचान पुरैनी गांव निवासी निखिल कुशवाहा पुत्र संजय कुशवाहा के रूप में हुई है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे वह सिर पर बोझ लेकर गांव की ओर जा रहा था। इसी दौरान जमीन पर गिरे एलटी लाइन के तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और बिजली विभाग के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया।
गांव में शोक का माहौल
परिजनों के अनुसार निखिल एयरफोर्स में भर्ती की तैयारी कर रहा था और परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। उसकी असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोगों का कहना है कि एक होनहार युवक की जान विभागीय लापरवाही की वजह से चली गई।
जमीन पर टूटकर पड़ा था एलटी तार
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस एलटी लाइन का तार टूटकर जमीन पर पड़ा था, उसकी जानकारी पहले ही बिजली विभाग को दे दी गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। उनका कहना है कि शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होने पर यह हादसा टाला जा सकता था। इसी आरोप को लेकर ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
कई अधिकारी पहुंचे गांव
परिजनों ने मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, 30 लाख रुपये का मुआवजा, किसान आपदा राहत योजना का लाभ तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग रखी। उनका कहना था कि जब तक इन मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए तहसीलदार अलका सिंह, नायब तहसीलदार गोपाल प्रसाद, खुखुन्दू प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह, सलेमपुर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक अशफाक अहमद, राजस्व और बिजली विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने नियमानुसार आर्थिक सहायता, मामले की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। देर शाम तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता जारी रही, जबकि बिजली विभाग से हादसे के कारणों की रिपोर्ट भी तलब की गई है।
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