खेलते-खेलते सांप के बच्चे को मुंह में डाल बैठा मासूम: हालत बिगड़ने पर गोरखपुर रेफर, डॉक्टरों की निगरानी में हो रहा ट्रीटमेंट

देवरिया|1 घंटा पहले
हालत बिगड़ने पर गोरखपुर रेफर, डॉक्टरों की निगरानी में हो रहा ट्रीटमेंट

गौरीबाजार थाना क्षेत्र के सोपरी बुजुर्ग गांव में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। घर के बाहर खेल रहे डेढ़ वर्षीय मासूम ने सांप के एक बच्चे को खिलौना समझकर पहले हाथ में उठाया और फिर खेलते-खेलते उसे मुंह में डालकर काट लिया। घटना के कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

जानकारी के अनुसार सोपरी बुजुर्ग गांव निवासी जशवंत निषाद का 18 माह का पुत्र पीयूष बुधवार शाम करीब सात बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान उसे एक छोटा सांप दिखाई दिया। मासूम उम्र और अनजानेपन के कारण उसने सांप के बच्चे को खिलौना समझ लिया। परिजनों के मुताबिक खेलते समय उसने उसे मुंह में डाल लिया और काटने लगा। कुछ देर बाद घरवालों की नजर बच्चे पर पड़ी तो उसके पास सांप का कटा हुआ हिस्सा पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए।

परिजनों में मचा हड़कंप

घटना की जानकारी होते ही परिजन बच्चे को तत्काल महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने बच्चे का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उसकी स्थिति पर नजर रखी। हालांकि स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार न होने और संभावित खतरे को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वर्तमान में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद पूरे गांव में इस मामले की चर्चा हो रही है। परिजन बच्चे के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि विषैले जीव-जंतुओं से जुड़े मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी की सलाह

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच.के. मिश्रा ने बताया कि सांप या अन्य विषैले जीवों के संपर्क में आने की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय इलाज और लगातार निगरानी आवश्यक होती है। उन्होंने अभिभावकों से छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से कहा है कि ऐसी किसी भी घटना में घरेलू उपचार या झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सहायता लें। एक्सपर्ट्स के अनुसार समय पर इलाज मिलने से गंभीर परिस्थितियों में भी मरीज की जान बचाई जा सकती है।

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