डीडीयू में हाई-टेक ‘फोटोसिंथेसिस लैब’का शुभारंभ : नई मशीनों से फसल उत्पादन, क्लाइमेट रिसर्च को मिलेगी रफ्तार

गोरखपुर जिले के दीनदयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग में अत्याधुनिक ‘फोटोसिंथेसिस लैब का उद्घाटन कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के डिप्टी डायरेक्टर जनरल प्रो. राजर्षि गौर भी मौजूद रहे।
यह हाई-टेक लैब लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद यूपीसीएआर के वित्तीय सहयोग से स्थापित की गई है। लैब में कई आधुनिक और महंगी मशीनें लगाई गई हैं, जो शोध कार्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।
एडवांस मशीनों से होगी सटीक जांच
लैब में ‘मिनी-पीएएम फ्लोरोमीटर’ के जरिए पौधों के क्लोरोफिल की जांच की जाएगी। ‘स्पेक्ट्रोफोटोमीटर’ से रासायनिक विश्लेषण संभव होगा, जबकि ‘मृदा विश्लेषक’ मशीन से मिट्टी की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा।
इसके अलावा पीएच मीटर, ईसी मीटर और एनडीवीआई मीटर जैसी आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध हैं, जो रिसर्च को अधिक सटीक और प्रभावी बनाएंगे।
खेती और पर्यावरण समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि वर्तमान समय में खेती और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए इस तरह की आधुनिक लैब बेहद जरूरी हैं। इस लैब के माध्यम से विभाग में शोध कार्य को नई मजबूती मिलेगी।
डॉ. रामवंत गुप्ता की अहम भूमिका
इस लैब की स्थापना और विकास में वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रामवंत गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी मेहनत और नेतृत्व से यह प्रोजेक्ट सफल हो सका।
क्लाइमेट चेंज और फसलों पर होगा विशेष शोध
लैब में मुख्य रूप से प्रकाश संश्लेषण (फोटोसिंथेसिस) और पर्यावरणीय तनाव का पौधों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। यहां कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में बदलाव का फसलों पर असर और बदलते मौसम में उत्पादन बढ़ाने के तरीकों पर शोध किया जाएगा।
छात्रों और शोधकर्ताओं को मिलेगा नया मंच
यह लैब छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म साबित होगी, जहां वे आधुनिक तकनीकों के जरिए फसलों की पैदावार बढ़ाने और टिकाऊ खेती के तरीकों को समझ सकेंगे।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर साइंस फैकल्टी के डीन प्रो. अजय सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार द्विवेदी, प्रो. राजवंत राव, प्रो. दिनेश यादव, प्रो. शरद मिश्रा, प्रो. पूजा सिंह सहित कई शिक्षक और छात्र मौजूद रहे।











