प्रेम विवाह से नाराज परिजनों ने किया हमला: घर में घुसकर मारपीट का आरोप, नौ लोगों पर केस दर्ज

गोला थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह को लेकर पारिवारिक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। बनवारपार गांव में एक परिवार पर कथित तौर पर घर में घुसकर हमला किया गया, जिसमें पति-पत्नी समेत उनके बच्चे भी घायल हो गए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
पीड़िता रजनी देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि कई वर्ष पहले राजाराम यादव से प्रेम विवाह किया था। इस विवाह से उनके चार बच्चे हैं। ससुराल पक्ष आज तक इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर पाए है। इसी वजह से उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता रहा है। रजनी देवी का कहना है कि आए दिन गाली-गलौज, विवाद और मारपीट की घटनाएं होती थीं, लेकिन परिवार सामाजिक मर्यादा और बच्चों के भविष्य को देखते हुए मामले को शांत कराने की कोशिश करता रहा।
मामूली विवाद के बाद बढ़ा तनाव
पीड़िता के अनुसार, घटना 22 मई की रात करीब नौ बजे की है। उस समय राजाराम यादव काम से घर लौटे थे और उन्होंने अपने पिता कन्हई यादव से धार्मिक आयोजन के तहत ‘देवता बैठाने’ को लेकर बातचीत की। इसी दौरान उनके चचेरे ससुर रामसकल यादव ने प्रेम विवाह का मुद्दा उठाते हुए आपत्ति जताई और विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। आरोप है कि रामसकल ने परिवार को अपमानित करते हुए धमकी भी दी।
हमलावरों ने घर का तोड़ा गेट
रजनी देवी का आरोप है कि करीब एक घंटे बाद रामसकल के पुत्र राजमन यादव, प्रशांत यादव उर्फ गोलू, हर्षित यादव और अन्य लोग लाठी-डंडों के साथ उनके घर पहुंच गए। हमलावरों ने पहले घर का गेट तोड़ा और फिर बल्ब फोड़कर दहशत फैलाने की कोशिश की। इसके बाद राजाराम यादव को निशाना बनाते हुए बेरहमी से मारपीट की गई। परिवार के अन्य सदस्य बचाव के लिए पहुंचे तो उन्हें भी नहीं बख्शा गया।
बच्चों को भी आईं गंभीर चोटें
हमले के दौरान रजनी देवी और उनके बच्चे दीक्षा, साक्षी, हैप्पी और नितिन भी घायल हो गए। पीड़िता का कहना है कि हमलावरों ने महिलाओं और बच्चों के साथ भी मारपीट की तथा पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने शुरू की जांच
गोला पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर सात नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
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