गोरखपुर में 100 रोजरिंग्ड तोतों के साथ तस्कर अरेस्ट: एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, बिहार-बंगाल तक फैला है नेटवर्क

संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने गुलहरिया क्षेत्र के नंदानगर बस स्टैंड एयरपोर्ट मार्ग के पास छापेमारी कर एक इंटरस्टेट तस्कर को अरेस्ट किया है। आरोपी के कब्जे से रोजरिंग्ड प्रजाति के 100 संरक्षित तोते बरामद किए गए हैं। जिन्हें अवैध तरीके से पटना ले जाया जा रहा था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत यह प्रजाति संरक्षित श्रेणी में आती है और इनके व्यापार तथा परिवहन पर प्रतिबंध है।
आरोपी की पहचान तिवारीपुर थाना क्षेत्र निवासी आमिर के रूप में हुई है। एसटीएफ ने आरोपी के पास से एक बड़ा पिंजरा, तीन झोलों में बंद तोते और एक स्कूटी भी बरामद की है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिलते ही एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को मौके से दबोच लिया। बरामद किए गए सभी तोतों को वन विभाग की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है।
पूछताछ में खुला तस्करी नेटवर्क का राज
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि उसका परिवार वर्षों से पक्षियों के व्यापार से जुड़ा रहा है। पहले सामान्य पक्षियों का कारोबार किया जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मुनाफा घटने के कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित और संरक्षित पक्षियों की तस्करी शुरू कर दी। आरोपी के अनुसार, रोजरिंग्ड तोतों समेत अन्य दुर्लभ पक्षियों की बाजार में भारी मांग है। जिसके चलते इस अवैध कारोबार से मोटी कमाई होती है।आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत के जंगलों से बड़ी संख्या में तोतों और अन्य पक्षियों को पकड़कर बिहार और पश्चिम बंगाल तक सप्लाई किया जाता था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। फिलहाल पुलिस और वन विभाग आरोपी से जुड़े अन्य तस्करों और खरीददारों की जानकारी जुटाने में लगे हैं।
एसटीएफ की निगरानी में चल रहा था अभियान
एसटीएफ थाना प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रदेश में संरक्षित वन्यजीवों की तस्करी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर विभिन्न जिलों में निगरानी बढ़ाई गई थी। अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में गोरखपुर इकाई अभिसूचना संकलन में जुटी थी। सूचना की पुष्टि होने पर वन विभाग की तिलकोनियां रेंज टीम के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया।
वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल
रोजरिंग्ड तोतों की अवैध तस्करी पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा है। इन पक्षियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के बावजूद ऐसे गिरोह सक्रिय होना प्रशासन और निगरानी व्यवस्था के लिए चुनौती माना जा रहा है। वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ गोरखपुर वन प्रभाग की तिलकोनियां रेंज में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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