कुशीनगर के मदरसे में मिला पाकिस्तान में बना पंखा: मरम्मत के दौरान सामने आया मामला, जांच के बाद छोड़े गए दो लोग

जिले में एक मदरसे से पाकिस्तान निर्मित पंखा मिलने के बाद हलचल मच गई। सूचना फैलते ही पुलिस हरकत में आ गई। रविवार को पुलिस टीम मदरसे पहुंची और पंखा कब्जे में ले लिया। मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने पूछताछ शुरू की। मदरसा प्रबंधक और पंखा दान करने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। कई घंटों तक दोनों से पूछताछ हुई। जांच के दौरान पंखे की खरीद और दान की पूरी कहानी सामने आई। दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। फिलहाल मामले में कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली है। हालांकि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
मामला विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा गांव का है। यहां गोसाई पट्टी में मदरसा कादरिया हकीकतुल उलूम संचालित होता है। मदरसे में लगे तीन सीलिंग फैन खराब हो गए थे। इसके बाद उन्हें गांव के एक मैकेनिक के पास भेजा गया। मैकेनिक अकबर ने बताया कि दो पंखे आसानी से खुल गए। लेकिन तीसरे पंखे को खोलने में दिक्कत हो रही थी। इसी दौरान उसकी नजर पंखे के पीछे लिखे शब्दों पर गई। वहां साफ तौर पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखा था। यह देखकर वह चौंक गया। पंखा खोलने के लिए उसने यूट्यूब पर वीडियो सर्च करना शुरू किया। तभी वहां पहुंचे एक युवक ने पंखे की फोटो खींच ली। कुछ ही देर में तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद मामला तेजी से फैल गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
फोटो वायरल होने के बाद कई लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने मैकेनिक से पंखे के बारे में पूछताछ शुरू की। कुछ लोगों ने सीधे पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही विशुनपुरा थाना पुलिस सक्रिय हुई। थाना प्रभारी विनय मिश्रा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पहले पुलिस मदरसे गई और जानकारी जुटाई। वहां पता चला कि पंखा मरम्मत के लिए भेजा गया है। इसके बाद पुलिस बिजली दुकान पहुंची और पंखा कब्जे में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मदरसा प्रबंधक मोहम्मद यूनुस और गांव निवासी शमशुद्दीन को हिरासत में लिया गया। दोनों को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस ने पंखे की खरीद और उसके मदरसे तक पहुंचने की जानकारी जुटाई।
सऊदी अरब से खरीदा गया था पंखा
पूछताछ में पूरी कहानी सामने आई। शमशुद्दीन ने बताया कि उनका बेटा वाजिद अंसारी सऊदी अरब में मजदूरी करता है। वह पिछले करीब दस साल से वहां रह रहा है। वर्ष 2020 में उसने करीब 80 रियाल में यह पंखा खरीदा था। बाद में कार्गो के जरिए पंखा गांव भेज दिया गया। कुछ समय तक पंखा घर में इस्तेमाल हुआ। इसके बाद वर्ष 2023 में शमशुद्दीन ने इसे मदरसे को दान कर दिया। पुलिस ने इस दावे की जांच शुरू की। अधिकारियों ने वीडियो कॉल पर वाजिद अंसारी से बात की। उससे खरीद से जुड़े दस्तावेज मांगे गए। दस्तावेज जांच में सही पाए गए। इसके बाद पुलिस ने मदरसे की भी जांच की। वहां कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
जांच के बाद दोनों को छोड़ा गया
मदरसे के शिक्षक मोहम्मद मेराजुद्दीन ने बताया कि संस्थान चंदे से चलता है। गर्मी बढ़ने पर बच्चों के लिए गांव वालों से मदद मांगी गई थी। उसी दौरान शमशुद्दीन ने यह पंखा दान किया था। करीब डेढ़ साल से पंखा मदरसे में चल रहा था। खराब होने के बाद ही यह मामला सामने आया। पुलिस ने जांच के बाद दोनों लोगों को छोड़ दिया। हालांकि प्रशासन अभी भी पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। पिछड़ा आयोग के सदस्य फुलबद कुशवाहा ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। डीएम और एसपी से भी बात की जाएगी। अगर जांच में कोई गड़बड़ी मिली, तो कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस मामले को सामान्य मान रही है।
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