कुशीनगर सीएचसी में किशोर की मौत के बाद बवाल: डॉक्टरों को दौड़ाकर पीटा, 11 नामजद समेत कई लोगों पर केस दर्ज

कुशीनगर|11 मई 2026
डॉक्टरों को दौड़ाकर पीटा, 11 नामजद समेत कई लोगों पर केस दर्ज

जिले के देवतहा सीएचसी में किशोर की मौत के बाद बड़ा बवाल हो गया। नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। भीड़ ने डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि अस्पताल स्टाफ को कमरों में छिपना पड़ा। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर जान बचाकर भागते दिखे। एक डॉक्टर को भीड़ ने दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद उनकी पिटाई की गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने अब मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल प्रशासन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

घटना पांच मई की बताई जा रही है। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के कोटवा गांव निवासी नितेश सिंह को सांप ने डस लिया था। नितेश की उम्र करीब 14 साल थी। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे देवतहा सीएचसी लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। किशोर को एंटी स्नेक वेनम दिया गया। कुछ देर तक हालत नियंत्रित दिखाई दी। लेकिन बाद में उसकी तबीयत और बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए रेफर करने का फैसला लिया। इसके बाद 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। आरोप है कि एंबुलेंस काफी देर से पहुंची। इसी बीच किशोर की हालत गंभीर हो गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही गांव में गुस्सा फैल गया।

अस्पताल में घुसकर किया हंगामा

किशोर की मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। लोगों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुर्सियां और सामान फेंक दिए गए। कई सरकारी उपकरणों को नुकसान पहुंचा। एफआईआर के मुताबिक भीड़ सीधे डॉक्टरों के कमरों तक पहुंच गई। वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। अस्पताल स्टाफ डरकर इधर-उधर भागने लगा। कई कर्मचारियों ने खुद को कमरों में बंद कर लिया। माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद लोग वीडियो भी बनाते रहे। घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीज भी दहशत में आ गए।

जान बचाने के लिए दीवार फांदकर भागे डॉक्टर

सीएचसी प्रभारी हेमंत वर्मा ने घटना को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने पूरा इलाज किया था। मरीज की हालत गंभीर होने पर रेफर किया गया। इसके बावजूद भीड़ ने हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि डॉक्टर अपनी जान बचाने के लिए भागे। एक डॉक्टर अस्पताल की दीवार फांदकर खेतों की तरफ भागे थे। लेकिन भीड़ ने पीछा नहीं छोड़ा। लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया। अस्पताल स्टाफ करीब तीन घंटे तक कमरों में बंद रहा। बाहर लगातार हंगामा चलता रहा। पुलिस पहुंचने के बाद हालात नियंत्रित हुए। इसके बाद अस्पताल कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।

पुलिस की सख्त कार्रवाई

पुलिस ने मामले में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने 11 नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। नामजद आरोपियों में अभिमन्यु सिंह, प्रमोद सिंह और बलविंदर शामिल हैं। इसके अलावा गणेश गौतम, संजीत और अमन का नाम भी दर्ज हुआ है। दीपू, संजीव, आलोक, बंटी और शिवकुमार यूट्यूबर को भी आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। सरकारी काम में बाधा और मारपीट की धाराएं शामिल हैं। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का केस भी दर्ज हुआ है। चिकित्सा सेवा संस्थान सुरक्षा अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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