सरकारी योजनाओं के नाम पर 90 लाख की साइबर ठगी: पुलिस ने सात आरोपी को किया गिरफ्तार, 250 से अधिक बैंक खातों का मिला विवरण

गोरखपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो भोले-भले लोगों को सरकारी योजनाओं का प्रलोभन देकर उनके बैंक खातों के जरिए करोड़ों का लेनदेन करता था। कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में गोरखपुर, देवरिया, लखनऊ और चित्रकूट के रहने वाले सात शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनके पास से 250 से अधिक बैंक खातों का विवरण मिला है जिसके जरिए लगभग 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हो चुकी है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हुमायूंपुर उत्तरी के निवासी विनोद यादव ने 15 अप्रैल को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। विनोद ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके बेटे अमृतांश यादव को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा दिया। इस बहाने उन्होंने बेटे के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और पासबुक, चेकबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने पास रख लिए। बाद में विनोद को संदेह हुआ कि उनके बेटे के खाते का इस्तेमाल अवैध साइबर गतिविधियों और पैसों के लेनदेन के लिए किया जा रहा है।
बेरोजगार और महिलाओं को बनाते थे निशाना
पुलिस की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से बेरोजगार युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अपना निशाना बनाते थे। उन्हें केंद्र या राज्य सरकार की किसी फर्जी योजना का लालच दिया जाता था।
ठगी का तरीका
- सरकारी लाभ के नाम पर लोगों के दस्तावेज हासिल करना।
- उनके नाम पर नए बैंक खाते खुलवाना।
- एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और चेकबुक जबरन अपने पास रख लेना।
- इन खातों की जानकारी गिरोह के मुख्य सरगनाओं को भेजना जो देश के अलग-अलग हिस्सों से ठगी गई रकम को इन खातों में ट्रांसफर करते थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण
पुलिस ने साक्ष्यों की पुष्टि होने पर गुरुवार शाम सात आरोपियों को धर दबोचा। कोतवाली थाना पुलिस ने गोरखनाथ के हुमायूंपुर निवासी अनुज विश्वकर्मा उर्फ शुभम,आदित्य चौधरी,राजघाट के मिर्जापुर निवासी ओमकार अग्रहरि,चित्रकूट जिले के सरधुआ निवासी ऋतुराज यादव,गगहा के कईधाखुर्द निवासी राहुल सिंह,रामगढ़ताल के इंद्रानगर में रहने वाले देवरिया जिले के गरुलपार लकड़ी हट्टा निवासी दिव्यांशु सिंह उर्फ साहिल और लखनऊ के हुडम्बा स्थित कंचना बिहारी मार्ग कल्याणपुर में रहने वाले रवि सिंह उर्फ रामदास को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
सरगना 'जान बाबा' की तलाश जारी
एसपी सिटी निमिष पाटील ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी केवल नेटवर्क का एक हिस्सा हैं। इस गिरोह का मुख्य सरगना जान बाबा अभी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि सरगना की गिरफ्तारी के बाद इस सिंडिकेट के असली नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य बड़े नामों का खुलासा हो सकेगा। वर्तमान में पुलिस उन 250 बैंक खातों के ट्रांजैक्शन की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कुल कितनी बड़ी राशि का गबन किया गया है।
पुलिस की अपील
गोरखपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को सरकारी योजना या नौकरी के नाम पर अपने निजी दस्तावेज (जैसे आधार या पैन कार्ड) न दें और न ही किसी के कहने पर बैंक खाता खुलवाकर उसके दस्तावेज किसी अन्य को सौंपें। सतर्कता ही साइबर अपराध से बचने का एकमात्र उपाय है।











