लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे धंसा: NHAI ने 3 अधिकारी हटाए, दो साल का लगाया प्रतिबंध

उद्घाटन के महज 14 दिन बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के कोरारी क्षेत्र में सड़क की सतह धंसने की घटना को एनएचएआई ने गंभीरता से लिया है। मामले की तकनीकी जांच के बाद निर्माण कार्य से जुड़े तीन अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें परियोजना से हटा दिया गया है। साथ ही अगले दो वर्षों तक उन्हें एनएचएआई की किसी भी परियोजना में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत पूरी कर ली गई है और एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य और सुरक्षित है।
एनएचएआई ने निर्माणकारी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर एवं डीजीएम (हाईवे) विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेसिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई की है। तीनों अधिकारियों को मौजूदा परियोजना से हटाने के साथ आगामी दो वर्षों तक किसी भी एनएचएआई परियोजना में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है। उल्लेखनीय है कि करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। इसके बाद उन्नाव के कोरारी क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 64 के पास सड़क धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था।
तकनीकी जांच में सामने आई वजह
एनएचएआई के अनुसार 26 जुलाई को रूट पेट्रोलिंग के दौरान सड़क की सतह पर स्लिपेज दिखाई दिया, जिसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच में पुल के डैक स्लैब के ऊपर बिटुमिनस परत में मामूली स्लिपेज पाया गया। अधिकारियों के मुताबिक मानसून के दौरान लगातार यातायात का दबाव, नमी में बदलाव और ज्वाइंट्स से वर्षा जल के प्रवेश जैसी परिस्थितियों में इस तरह की स्थिति सामान्य रूप से देखने को मिल सकती है।
संरचना सुरक्षित
तकनीकी निरीक्षण में स्पष्ट हुआ कि समस्या केवल सड़क की ऊपरी बिटुमिनस परत तक सीमित थी। पुल की नींव, सब-स्ट्रक्चर और सुपर-स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। किसी प्रकार की संरचनात्मक क्षति या निर्माण संबंधी कमी नहीं मिली। एनएचएआई ने बताया कि संचालन एवं रखरखाव समझौते के तहत प्रभावित हिस्से की क्षतिग्रस्त परत हटाकर नई बिटुमिनस परत बिछा दी गई है। साथ ही ज्वाइंट्स की सीलिंग और जल निकासी व्यवस्था में भी आवश्यक सुधार किए गए हैं। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो रहा है।











