गांव-गांव होगा एमएसएमई योजनाओं का प्रचार: हर जिले में लगेंगे विशेष जागरूकता शिविर, जमीनी स्तर पर बढ़ेगी योजनाओं की पहुंच

लखनऊ। प्रदेश में युवाओं, कारीगरों, शिल्पकारों और सूक्ष्म उद्यमियों तक एमएसएमई विभाग की योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार व्यापक अभियान चलाने जा रही है। ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थी केवल जानकारी के अभाव में सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहें। इस संबंध में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
विधानसभा स्थित कार्यालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान 2.0, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) सहित सभी योजनाओं का प्रभावी प्रचार ग्राम पंचायत, विकास खंड और जिला स्तर तक सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए प्रत्येक जिले में विशेष शिविर आयोजित कर युवाओं, कारीगरों, शिल्पकारों और सूक्ष्म उद्यमियों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करने का दिया निर्देश
उन्होंने विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित सत्यापन कराने और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के स्वरोजगार की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करने के भी निर्देश दिए। साथ ही जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्रों (डीआईसी) को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया।
ऋण वितरण की समीक्षा की
बैठक में विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत ऋण वितरण की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग कर पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं के लिए बजट मांग, स्वीकृति और धनराशि आवंटन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी करने को भी कहा। साथ ही आगामी 25 से 29 सितंबर तक दिल्ली में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में एमएसएमई, ओडीओपी और पारंपरिक शिल्प उत्पादों के प्रभावी प्रदर्शन के निर्देश दिए।










