राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर होगा मंथन: वन कर्मियों की हाईटेक सुरक्षा पर जोर, आधुनिक व्यवस्था और नए विकल्पों पर विचार

वन और वन्यजीवों की सुरक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वन कर्मियों के सम्मान में इस वर्ष राष्ट्रीय वन शहीद दिवस का आयोजन राजधानी लखनऊ में किया जाएगा। 11 सितंबर को होने वाले इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर से वन अधिकारी, कर्मचारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। शहीद वन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही वन विभाग को आधुनिक, सुरक्षित और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।
आयोजन की तैयारियों को लेकर ऑल इंडिया फॉरेस्ट ऑफिसर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी से अलग-अलग मुलाकात की। फेडरेशन के उप महासचिव डॉ. सौरभ वशिष्ठ ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शहीद वन कर्मियों को श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप वन विभाग को अधिक आधुनिक, सशक्त और प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार करना भी है।
वन कर्मियों के सशक्तीकरण का होगा मूल्यांकन
बैठक में अग्रिम पंक्ति में कार्यरत वन कर्मियों की सुरक्षा, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, क्षमता विकास, कार्य परिस्थितियों में सुधार और कर्मचारी कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा विभिन्न राज्यों में वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और वन कर्मियों के सशक्तीकरण के लिए अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का अध्ययन और मूल्यांकन भी किया जाएगा।










