मायावती ने आकाश आनंद को फिर दिया झटका: बैठक से रखा दूर, बड़ी जिम्मेदारी पर भी लगाई रोक

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में भूमिका को लेकर स्थिति साफ कर दी है। गुरुवार को हुई अहम बैठक में मायावती ने कहा कि आकाश आनंद अभी राजनीतिक रूप से पूरी तरह परिपक्व नहीं हुए हैं और उन्हें और अनुभव हासिल करने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आकाश पर्याप्त परिपक्व नहीं होते, तब तक उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। बैठक में आकाश आनंद को बुलाया भी नहीं गया।
आकाश आनंद को लेकर मायावती के इस फैसले को पार्टी के भीतर उनके लिए लगातार तीसरा बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। फिलहाल उन्हें केवल पार्टी में काम करने की अनुमति है। नई जिम्मेदारी नहीं मिलने से बीएसपी में उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच आकाश आनंद ने अपने एक्स प्रोफाइल में भी बदलाव किया है। हालांकि, पार्टी की ओर से उनकी आगे की भूमिका को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
राष्ट्रीय संयोजक की संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
आकाश आनंद इससे पहले बीएसपी के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 10 अगस्त को उन्होंने हाथरस के सादाबाद में आयोजित जनसभा के जरिए पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत की थी। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखे हमले किए थे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया था।
विवाद के बाद फिर मिली थी जिम्मेदारी
आकाश आनंद लंबे अंतराल के बाद चुनावी मंच पर सक्रिय दिखाई दिए थे। वर्ष 2024 में उनके एक बयान को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद मायावती ने उन्हें कुछ समय के लिए पार्टी की जिम्मेदारियों से हटा दिया था। बाद में उन्हें दोबारा राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब मायावती के ताजा फैसले के बाद एक बार फिर उनकी पार्टी में भूमिका सीमित हो गई है। इससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है।











