लखनऊ में इंटीग्रेटेड वेबसाइट पर जमा होगा पूरे प्रदेश का टैक्स: संपत्तियों के दाखिल खारिज का भी मिलेगा लाभ, 45 दिनों में मिलेगी सुविधा

लखनऊ में अब पूरे प्रदेश का एक ही इंटीग्रेटेड वेबसाइट पर टैक्स जमा किया जायेगा। इसको लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। आने वाले 45 दिनों के अंदर यह सुविधा शुरू हो जाएगी। नगर निकाय विभाग की तरफ से इसकी तैयारियां पूरे तरीके से पूरी की जा चुकी हैं, ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।
इसी वेबसाइट पर जमीन और संपत्ति के दाखिल खारिज का काम भी लोग करा सकेंगे। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारिध अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि सुविधा का लाभ आम जनता को देने के लिए यह फैसला नगर निकाय विभाग की तरफ से लिया गया है।
वेबसाइट पर ही होगी संपत्तियों की खारिज दाखिल
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल नगर निगम की तरफ से संपत्तियों की जानकारी को अपलोड किया जा रहा है। अभी तक नगर निगम लखनऊ की तरफ से 7 लाख 68 हजार 789 पॉपर्टी की जानकारी ई नगर सेवा यूपी वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है। फिलहाल, नगर निगम लखनऊ की तरफ से 41 हजार संपत्तियों की जानकारी और अपलोड करनी है, जो आने वाले दो दिनों के अंदर पूरी हो जाएगी। इसके करीब 45 दिनों के अंदर यहीं से लोग अपनी पॉपर्टी का टैक्स जमा कर सकेंगे। इसके साथ ही संपत्तियों की दाखिल खारिज भी हो सकेगी।
ट्रेड लाइसेंस की सुविधा
सरकार की तरफ से व्यापारियों को सुविधा देने के लिए ट्रेड लाइसेंस इसी वेबसाइट के माध्यम से आवंटित किए जा रहे हैं, जहां पर वन विंडों क्लियरेंस की सुविधा है। फिलहाल, आने वाले दिनों में यहां पर लोग पॉपर्टी टैक्स, म्यूटेशन, पानी और सिवेज कनेक्शन, खाने की एनओसी और फायर एनओसी भी ले सकेंगे।
लिंक https://e-nagarsewaup.gov.in/ulbappsmain/home पर करना होगा आवेदन
इसके साथ ही टयूबवेल लगाने की एनओसी के लिए भी यहां से आवेदन किया जा सकेगा। लोग यहीं से डेथ और बर्थ सर्टिफिकेट के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। इसी वेबसाइट के लिंक https://e-nagarsewaup.gov.in/ulbappsmain/home पर जाकर लोगों को आवेदन करना होगा।
जनता की सेवा के लिए डेवलेप किया गया इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म
लखनऊ नगर निगम की वेबसाइट https://lmc.up.nic.in/ पर भी यह लिंक मौजूद रहेगा, जहां पर क्लिक करने पर यह सीधे ई नगर सेवा की वेबसाइट पर आवेदक को पहुंचा देगा। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को सुविधा देने के लिए यह इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म डेवलेप किया गया है। ताकि लोगों को लाभ मिले। उन्हें भटकना न पड़े।











