महराजगंज में जंगल से निकला तेंदुआ: महिला समेत तीन लोगों पर हमला, अलर्ट मोड में वन विभाग

जिले के अचलगढ़ के वनग्राम इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जंगल से निकले एक तेंदुए ने महिला समेत तीन लोगों पर हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई। लोग घरों से बाहर निकलने से डरने लगे। महिलाओं और बच्चों में सबसे ज्यादा भय का माहौल है। हमले में घायल तीनों लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के वनग्राम अचलगढ़ निवासी 19 वर्षीय ईशा सुबह करीब छह बजे जंगल की तरफ गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया। हमले के बाद युवती चीखने लगी। आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए।
दो और लोगों को बनाया निशाना
ग्रामीण कुछ समझ पाते, उससे पहले तेंदुए ने पास में मौजूद 16 वर्षीय नीरज पर हमला कर दिया। इसके बाद भागते हुए तेंदुआ गांव के ही 69 वर्षीय मुरलीधर पर भी झपट पड़ा। लगातार तीन लोगों पर हमले के बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया। भीड़ बढ़ती देख तेंदुआ वापस जंगल की तरफ भाग गया।
गांव में दहशत, खेतों और जंगल की ओर जाना बंद
घटना के बाद गांव में डर का माहौल बना हुआ है। कई लोगों ने खेतों और जंगल की तरफ जाना बंद कर दिया है। बच्चे घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में पहले भी जंगली जानवर देखे गए थे, लेकिन इस तरह का हमला पहली बार हुआ है।
घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तीनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार तीनों के शरीर पर तेंदुए के पंजों और दांतों के निशान हैं। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वन विभाग ने बढ़ाई गश्त
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि तेंदुए की तलाश की जा रही है। वन विभाग की टीम लगातार जंगल और आसपास के इलाकों में गश्त कर रही है। ग्रामीणों से फिलहाल जंगल की ओर न जाने की अपील की गई है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने से चिंता
एक्सपर्टस का मानना है कि जंगलों के सिकुड़ने और मानव आबादी बढ़ने के कारण वन्यजीव अब गांवों की ओर आ रहे हैं। पूर्वांचल के कई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में तेंदुए और अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीवों को सुरक्षित जंगल में वापस भेजना है।











