महराजगंज में पांच साल बाद जिंदा लौटी महिला: गुमशुदगी के बाद पुलिस को मिला था शव, मुंबई की संस्था घर लेकर पहुंची

सोनौली कोतवाली क्षेत्र के कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव में पांच साल बाद एक महिला के जिंदा लौटने से परिवार में खुशी का माहौल है। मानसिक रूप से दिव्यांग इसरावती करीब पांच साल पहले लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी और काफी समय तक तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में कोल्हुई थाना क्षेत्र में खेत से एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पुलिस ने इसरावती के परिजनों को बुलाकर शव की पहचान कराई थी।
परिजनों के अनुसार, शव की पहचान कपड़ों के आधार पर इसरावती के रूप में कराई गई थी। परिवार ने शव को अपनी लापता बेटी का मानते हुए विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद परिजनों ने मान लिया कि इसरावती अब इस दुनिया में नहीं है। समय बीतने के साथ परिवार उसकी यादों के सहारे आगे बढ़ने लगा।
परिजन रह गए हैरान
करीब पांच साल बाद मुंबई की एक संस्था के लोग अचानक इसरावती को लेकर उसके गांव पहुंचे। घर के सामने उसे जिंदा देखकर परिजन कुछ देर के लिए हैरान रह गए। इसरावती के सकुशल लौटने के बाद परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि, उसके लौटने से पांच साल पहले मिले अज्ञात शव की पहचान पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस शव को इसरावती का मानकर अंतिम संस्कार किया गया था, वह आखिर किस महिला का था? क्या पहचान में गलती हुई या शव किसी दूसरे मामले से जुड़ा था, इसका पता पुलिस जांच के बाद ही चलेगा। फिलहाल पुराने मामले और शव की पहचान को लेकर जांच की जरूरत सामने आ रही है।











