महाराजगंज में अमृत सरोवर में डूबे तीन दोस्त: नहाने के दौरान गहरे पानी में फंसे किशोर, एक साथ उठीं तीन अर्थियां

महाराजगंज|1 घंटा पहले
नहाने के दौरान गहरे पानी में फंसे किशोर, एक साथ उठीं तीन अर्थियां

सिसवा नगर पालिका क्षेत्र के मीराबाई नगर वार्ड स्थित पोखरा टोला में निर्माणाधीन अमृत सरोवर में नहाने गए चार दोस्तों में से तीन की डूबने से मौत हो गई। एक किशोर ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस और गोताखोरों ने करीब आधे घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिसवा में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, सोमवार को तीनों दोस्तों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली तो माहौल गमगीन हो गया।

पोखरा टोला निवासी राजबीर पुत्र उमेश यादव, नीतीश यादव पुत्र रमेश यादव, रोहन पुत्र रामलखन और कृष्णा रौनियार पुत्र कबूतर रौनियार निर्माणाधीन तालाब में नहाने पहुंचे थे। नहाने के दौरान रोहन, नीतीश और कृष्णा गहरे पानी में धंसने लगे। तीनों को डूबता देख राजबीर ने हिम्मत दिखाई और तैरकर बाहर निकल आया। उसने रस्सी के सहारे दोस्तों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने शोर मचाकर परिजनों और आसपास के लोगों को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए।

रेस्क्यू के बाद अस्पताल में मृत घोषित

घटना की सूचना मिलते ही कोठीभार थाना प्रभारी अखिलेश वर्मा और सिसवा चौकी प्रभारी दिव्यप्रकाश मौर्य पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिसवा भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

तीनों परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतकों में नीतीश कक्षा छह, रोहन कक्षा सात और कृष्णा कक्षा नौ का छात्र था। कृष्णा के पिता सब्जी का व्यवसाय करते हैं और वह उनका इकलौता पुत्र था। रोहन भी अपने परिवार का इकलौता बेटा था, जबकि उसके पिता मेडिकल स्टोर पर कार्यरत हैं। नीतीश के पिता खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में मातम छा गया।

डीएम ने दिए एफआईआर और जांच के निर्देश

घटना के बाद डीएम गौरव सिंह सोगरवाल ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अमृत सरोवर निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तालाब की बैरिकेडिंग कराने और पूरे प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। डीएम ने कहा कि स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पहले छठ घाट था, जिसे निर्माण के दौरान आंशिक रूप से प्रभावित किया गया है। इस पहलू की भी जांच कराई जाएगी। उन्होंने मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवार को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

नम हुईं हजारों आंखें

पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों बच्चों के शव उनके घर पहुंचे तो पूरे वार्ड में मातम छा गया। सोमवार सुबह जब नीतीश, रोहन और कृष्णा की अर्थियां एक साथ घरों से निकलीं तो पूरा सिसवा नगर गम में डूब गया। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और हर आंख नम दिखाई दी। तीनों का अंतिम संस्कार लोहिया नगर स्थित खेखड़ा घाट पर किया गया। अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार के दौरान एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता, सीओ रविंद्र सिंह, कोठीभार थाना प्रभारी अखिलेश वर्मा, पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात रहे। तीन मासूमों की एक साथ हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।

नव्य जागरण

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