TMC के 17 बागी सांसद भाजपा में जाएंगे: दुर्गा पूजा के आसपास शामिल होने की तैयारी, चुनाव में हार के बाद बदला समीकरण

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बड़ी टूट के बाद अब बागी सांसदों के भाजपा में जाने की तैयारी है। पार्टी से अलग हुए 20 सांसदों में से 17 अक्टूबर में दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद भाजपा में शामिल हो सकते हैं। कूच बिहार से सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने कोलकाता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों के एक साथ जाने के कारण दल-बदल कानून लागू नहीं होगा।
बंगाल में टीएमसी की विधानसभा चुनाव में हार के बाद 14 जून को 20 बागी सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया था। इसके बाद इन सांसदों ने त्रिपुरा की स्थानीय पार्टी एनसीपीआई में विलय किया और एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया था। अब इस गुट के 17 सांसद सीधे भाजपा में शामिल होने की तैयारी में हैं। वहीं, अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान भाजपा की सदस्यता नहीं लेंगे। ये तीनों बाहर से एनडीए का समर्थन करेंगे।
लोकसभा में 28 में से सिर्फ आठ सांसद बचे
टीएमसी के पास लोकसभा में कुल 28 सांसद थे। इनमें से 20 के अलग होने के बाद ममता बनर्जी के साथ अब सिर्फ आठ सांसद रह गए हैं। राज्यसभा में पार्टी के 13 सांसद थे, जिनमें दो इस्तीफा दे चुके हैं। इसके बाद उच्च सदन में टीएमसी के 11 सांसद बचे हैं।
विधानसभा में भी घटा ममता का समर्थन
विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 80 सीटें जीती थीं। इनमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। इसके बाद ममता बनर्जी के साथ अब केवल 22 विधायक रह गए हैं। इस तरह लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा- तीनों स्तरों पर पार्टी के भीतर बगावत के बाद टीएमसी का संख्याबल काफी कम हो गया है।










