एसटीएफ ने टीएमसी नेता जहांगीर खान को किया अरेस्ट: अवैध वसूली के आरोपों में कार्रवाई, नेपाल बॉर्डर के पास से हुई गिरफ्तारी

कोलकाता|08 जून 2026
अवैध वसूली के आरोपों में कार्रवाई, नेपाल बॉर्डर के पास से हुई गिरफ्तारी

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह कथित तौर पर देश छोड़ने की कोशिश में था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोलकाता लाया जा रहा है। जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार दक्षिण 24 परगना जिले के फालता थाना क्षेत्र में जहांगीर खान के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन पर अवैध वसूली समेत विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियां लंबे समय से उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। हाल के महीनों में उनके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। इसके बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई थी।

चुनाव के बाद से सार्वजनिक जीवन से थे दूर

जहांगीर खान ने वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में फालता सीट से चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को क्षेत्र के प्रभावशाली नेता के रूप में प्रस्तुत किया था। जहांगीर खान अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली को लेकर चर्चा में रहे थे। हालांकि चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। चुनाव के बाद से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों और पार्टी गतिविधियों से लगभग दूर दिखाई दे रहे थे। फालता विधानसभा क्षेत्र उस समय भी सुर्खियों में आया था। जब मतदान प्रक्रिया को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम और निगरानी व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच के बाद निर्वाचन आयोग ने पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया था।

हाईकोर्ट में भी पहुंचा था मामला

मई 2026 में जहांगीर खान ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने गिरफ्तारी से सुरक्षा और मामलों की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की थी। हालांकि बाद में अदालत द्वारा दी गई सुरक्षा समाप्त हो गई थी। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। विपक्ष भी इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है।

नव्य जागरण

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