पेट्रोल-डीजल फिर महंगा: CNG के दाम भी बढ़े: नौ दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी

56 मिनट पहले
CNG के दाम भी बढ़े: नौ दिन में तीसरी बार बढ़ोतरी

देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 99.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 91 पैसे बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतों में भी 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के बाद सीएनजी अब 81.09 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिलेगी।

ईंधन की कीमतों में पिछले नौ दिनों के भीतर यह तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल के दामों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि 19 मई को भी औसतन 90 पैसे प्रति लीटर कीमतें बढ़ाई गई थीं। लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम आदमी की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है।

ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर

देश के प्रमुख शहरों में भी पेट्रोल और डीजल के दाम नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। मुंबई में पेट्रोल 108.49 रुपये और डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 110.64 रुपये तथा डीजल 97.02 रुपये पहुंच गया है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 105.31 रुपये और डीजल 96.98 रुपये प्रति लीटर हो गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईंधन महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट लागत पर पड़ेगा। ट्रक, बस और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से फल, सब्जियां, राशन और अन्य जरूरी वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। इसके अलावा स्कूल बस, ऑटो और सार्वजनिक परिवहन का किराया बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।

इंटरनेशनल संकट बना वजह

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी के पीछे इंटरनेशनल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। कुछ सप्ताह पहले तक 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने वाला कच्चा तेल अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। तेल कंपनियों का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत और आयात खर्च के दबाव के कारण कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया था। यदि इंटरनेशनल बाजार में यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

टैक्स और शुल्क से बढ़ती है अंतिम कीमत

विशेषज्ञ बताते हैं कि उपभोक्ताओं तक पहुंचते-पहुंचते पेट्रोल-डीजल की कीमत बेस प्राइस से कई गुना तक बढ़ जाती है। कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनिंग चार्ज, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकारों के वैट को जोड़ने के बाद अंतिम कीमत तय होती है। चूंकि हर राज्य में वैट की दर अलग-अलग होती है, इसलिए अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतों में भी अंतर देखने को मिलता है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता अब सरकार और तेल कंपनियों से राहत की उम्मीद लगाए बैठी है।

नव्य जागरण

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