सीएसके के होम ग्राउंड पर गुजरात ने दी करारी शिकस्त: सुदर्शन की धमाकेदार पारी, आठ विकेट से जीता मैच

चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने दमदार परफॉर्मेंस दिखाते हुए चेन्नई सुपर किंग्स को उसी के घर में करारी शिकस्त दी। मैच की शुरुआत से ही गुजरात का कंट्रोल साफ नजर आया। पहले गेंदबाजों ने चेन्नई की बल्लेबाजी को जकड़ लिया और फिर बल्लेबाजों ने बिना दबाव के लक्ष्य हासिल कर लिया। यह जीत गुजरात के लिए बेहद अहम रही। क्योंकि पिछली हार के बाद टीम को एक मजबूत कमबैक की जरूरत थी। इस जीत के साथ गुजरात ने सीजन में अपनी चौथी जीत दर्ज की और पॉइंट्स टेबल में भी बेहतर पोजिशन हासिल कर ली।
चेन्नई की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही विकेट गंवा दिए। बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं पाए और लगातार दबाव में नजर आए। शुरुआती झटकों ने टीम की लय पूरी तरह बिगाड़ दी। एक समय स्कोर 37 रन पर चार विकेट हो गया था। इस दौरान गुजरात के गेंदबाजों ने शानदार लाइन-लेंथ के साथ बॉलिंग की और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। हालांकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी की और टीम को संभालने की कोशिश की। गायकवाड़ ने पहले पारी को स्थिर किया और फिर अंत के ओवरों में रन गति बढ़ाई। उन्होंने 60 गेंदों में नाबाद 74 रन बनाए। उनकी इस पारी में क्लास और कंट्रोल दोनों दिखा। अंत में जेमी ओवरटन ने कुछ तेज रन जोड़े जिससे टीम 158 के स्कोर तक पहुंच सकी। लेकिन यह स्कोर मुकाबले के हिसाब से थोड़ा कम नजर आया।
गुजरात की टाइट गेंदबाजी
गुजरात के गेंदबाजों ने पूरे मैच में शानदार कंट्रोल दिखाया। कगिसो रबाडा ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया और महत्वपूर्ण विकेट निकाले। उनके साथ अन्य गेंदबाजों ने भी बढ़िया सपोर्ट दिया। टीम ने मिलकर चेन्नई को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोक दिया। गेंदबाजों की यही परफॉर्मेंस मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
गुजरात की सॉलिड शुरुआत
159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टीम ने शुरुआत से ही पॉजिटिव अप्रोच अपनाई। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन के बीच अच्छी साझेदारी हुई। दोनों ने बिना जोखिम लिए रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। गिल ने 33 रन बनाए लेकिन असली शो साई सुदर्शन का रहा। सुदर्शन ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और मैदान के हर कोने में शॉट लगाए। उन्होंने सिर्फ 33 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने 87 रन की शानदार पारी खेली। जिसमें कई बड़े शॉट शामिल थे। उनकी पारी ने मैच को पूरी तरह गुजरात के पक्ष में झुका दिया।
आसान जीत और मजबूत संदेश
साई सुदर्शन के आउट होने तक मैच लगभग खत्म हो चुका था। इसके बाद जोस बटलर ने जिम्मेदारी निभाई और टीम को आसानी से जीत दिलाई। गुजरात ने 16.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और आठ विकेट से मैच जीत लिया। यह जीत सिर्फ दो अंक ही नहीं बल्कि एक मजबूत संदेश भी है कि टीम हर परिस्थिति में वापसी करने का दम रखती है।
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