जूनियर विश्व कप में भारत का दम: शूटरों ने जीते तीन रजत और एक कांस्य, गोल्ड से चूके रोहित

भारत के जूनियर निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को जूनियर विश्व कप के दूसरे दिन चार और पदक अपने नाम किए। टीम ने तीन रजत और एक कांस्य पदक जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। भारतीय खिलाड़ी लगातार अच्छा खेल दिखा रहे हैं। हालांकि स्वर्ण पदक से चूक जरूर हुई। पदक तालिका में भारत फिलहाल तीसरे स्थान पर बना हुआ है। दूसरे दिन कुल पांच स्वर्ण पदक दांव पर थे। इनमें से चार स्वर्ण कजाखस्तान और व्यक्तिगत तटस्थ खिलाड़ियों के खाते में गए। इससे मुकाबला और ज्यादा कड़ा नजर आ रहा है।
50 मीटर राइफल प्रोन पुरुषों की जूनियर स्पर्धा में भारत के रोहित केनयन ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 615.8 का स्कोर बनाया। वह पूरे मुकाबले में मजबूत स्थिति में दिखे। लेकिन आखिर में वह स्वर्ण से चूक गए। कजाखस्तान के ओलेग नोस्कोव ने 616.3 के स्कोर के साथ गोल्ड जीता। दोनों के बीच सिर्फ 0.5 अंक का अंतर रहा। यह बेहद करीबी मुकाबला था। रोहित ने रजत पदक जीतकर भारत को दिन की शानदार शुरुआत दिलाई।
सेजल कांबले का दमदार प्रदर्शन
जूनियर महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में सेजल कांबले ने क्वालीफायर में टॉप किया। उन्होंने 580 का स्कोर बनाया। वह पूरे कॉन्फिडेंस में नजर आईं। फाइनल में भी उन्होंने अच्छा खेल दिखाया। लेकिन वह दूसरे स्थान पर रहीं। फाइनल में उन्होंने 27 हिट किए। एआईएन की कात्सियारीना इवानोवा ने 31 हिट के साथ गोल्ड जीता। यह मुकाबला हाई प्रेशर वाला रहा। सेजल ने सिल्वर जीतकर टीम को मजबूत किया।
एक ही स्पर्धा में दो पदक
भारत के लिए 25 मीटर पिस्टल पुरुषों की जूनियर स्पर्धा खास रही। यहां टीम ने एक साथ दो पदक जीते। राज चंद्र ने 580 का स्कोर किया। उन्होंने रजत पदक हासिल किया। वहीं अभिनव देशवाल ने 578 का स्कोर बनाया। उन्होंने कांस्य पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल और स्थिरता दिखाई। इस स्पर्धा में भी कजाखस्तान ने स्वर्ण जीता। किरिल त्सुकानोव ने 581 का स्कोर किया। भारत ने इस प्रतियोगिता में दूसरी बार एक ही इवेंट में दो पदक जीते। इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है।
स्कीट में ऋषम फाइनल तक पहुंचीं
जूनियर महिलाओं की स्कीट स्पर्धा में ऋषम गुरोन ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 115 का स्कोर किया। वह दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल में पहुंचीं। लेकिन फाइनल में वह सातवें स्थान पर रहीं। एआईएन की वरवारा जेतसेवा ने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने 40 में से 33 हिट के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा। भारत की टीम लगातार अच्छा खेल दिखा रही है। खिलाड़ी मेडल ला रहे हैं। हालांकि स्वर्ण की कमी अभी भी महसूस हो रही है। आने वाले मुकाबलों में टीम से गोल्ड की उम्मीद बढ़ गई है।
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