एसआरएच ने सीएसके से छीनी जीत: अभिषेक की तूफानी पारी, क्लासेन की क्लास और डेथ ओवर्स में गेंदबाजों ने कसा शिकंजा

आईपीएल 2026 के 27वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया मैच पूरी तरह रोमांच, उतार-चढ़ाव और हाई-इंटेंसिटी क्रिकेट से भरपूर रहा। मुकाबला ऐसा था जिसमें एक समय लग रहा था कि हैदराबाद 220 के पार चला जाएगा लेकिन फिर चेन्नई के गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। इसके बाद जब चेन्नई लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो उन्होंने भी संघर्ष किया लेकिन अंत में हैदराबाद के गेंदबाजों ने डेथ ओवर्स में सटीक लाइन-लेंथ के साथ मैच को अपने नाम कर लिया।
टॉस जीतकर चेन्नई के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया लेकिन शुरुआती ओवरों में यह निर्णय पूरी तरह गलत साबित होता नजर आया। हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने मैदान पर आते ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने हर गेंदबाज पर दबाव बनाया और सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। यह इस सीजन की सबसे तेज पारियों में से एक रही। अभिषेक ने 22 गेंदों पर 59 रन बनाए जिसमें चौकों और छक्कों की भरमार थी। उनके साथ ट्रेविस हेड ने भी तेज शुरुआत दी और दोनों ने मिलकर पावरप्ले में रनगति को बेहद तेज रखा।
हालांकि पावरप्ले के अंतिम ओवर में मैच ने अचानक करवट ली। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी ने लगातार दो गेंदों पर ट्रेविस हेड और कप्तान ईशान किशन को आउट कर दिया। इससे हैदराबाद की पारी की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। इसके बाद मध्य ओवरों में टीम के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा और रनगति भी धीमी पड़ गई।
क्लासेन ने उठाई जिम्मेदारी
इस मुश्किल समय में हेनरिक क्लासेन ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने एक छोर पर टिककर बल्लेबाजी की और 39 गेंदों पर 59 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। क्लासेन ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। हालांकि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे जिससे टीम 200 के पार नहीं जा सकी। एक समय 220+ स्कोर की उम्मीद थी लेकिन अंतिम पांच ओवरों में सिर्फ 40 रन ही बने। चेन्नई के लिए जेमी ओवरटन और अंशुल कंबोज ने तीन-तीन विकेट लेकर शानदार गेंदबाजी की और मैच में अपनी टीम की वापसी कराई।
सीएसके की खराब शुरुआत
195 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। संजू सैमसन जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम पर शुरुआती दबाव बन गया। इसके बाद आयुष म्हात्रे और कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने पारी को संभालने की कोशिश की। आयुष ने कुछ शानदार शॉट खेले और रनगति को बढ़ाया लेकिन वे 30 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद गायकवाड़ भी ज्यादा देर टिक नहीं सके।
मिडिल ऑर्डर में मैथ्यू शॉर्ट और सरफराज खान ने साझेदारी बनाकर टीम को मैच में बनाए रखा। दोनों के बीच 46 रन की साझेदारी हुई लेकिन जैसे ही यह जोड़ी सेट होती नजर आई, ईशान मलिंगा ने सरफराज को आउट कर साझेदारी तोड़ दी। इसके बाद विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा और चेन्नई की टीम दबाव में आ गई।
अंतिम ओवर में प्रफुल्ल की शानदार गेंदबाजी
अंतिम ओवरों में चेन्नई को जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी। 18वें और 19वें ओवर में टीम ने कुछ बड़े शॉट जरूर लगाए, लेकिन लक्ष्य अभी भी दूर था। आखिरी ओवर में चेन्नई को 18 रन चाहिए थे और गेंदबाजी की जिम्मेदारी प्रफुल्ल हिंगे के हाथों में थी। उन्होंने शानदार यॉर्कर और सटीक गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। एक नो-बॉल के बावजूद चेन्नई इसका फायदा नहीं उठा सकी और 10 रन से मुकाबला हार गई।
हैदराबाद के लिए ईशान मलिंगा ने तीन विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया जबकि नीतीश रेड्डी ने भी अहम मौकों पर विकेट हासिल किए। इस जीत के साथ हैदराबाद ने सीजन की तीसरी जीत दर्ज की और टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है।











