WFI ने विनेश फोगाट पर 26 जून तक लगाया बैन: डोपिंग नियम और अनुशासनहीनता के आरोप, शो-कॉज नोटिस जारी

09 मई 2026
 डोपिंग नियम और अनुशासनहीनता के आरोप, शो-कॉज नोटिस जारी

भारतीय कुश्ती जगत में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट पर 26 जून तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है। महासंघ ने शनिवार को उन्हें 15 पन्नों का कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसमें अनुशासनहीनता, एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन और फेडरेशन के नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस फैसले के बाद भारतीय कुश्ती में नया विवाद खड़ा हो गया है।

WFI की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि विनेश फोगाट ने संन्यास लेने के बाद वापसी से पहले जरूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। महासंघ के मुताबिक, किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार वापसी से छह महीने पहले जानकारी देनी होती है। लेकिन विनेश ने ऐसा नहीं किया। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के नियमों और एंटी-डोपिंग प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ। फेडरेशन ने नोटिस में यह भी कहा कि विनेश के सार्वजनिक बयानों और व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी हुई। महासंघ ने चार प्रमुख बिंदुओं पर उनका जवाब मांगा है और पूछा है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

डोप टेस्ट में शामिल न होने पर भी विवाद

विवाद सिर्फ वापसी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। WFI ने नोटिस में यह भी उल्लेख किया कि 18 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में आयोजित डोप टेस्ट में विनेश शामिल नहीं हुई थीं। इसी मामले में चार मई को इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी ITA ने भी उन्हें नोटिस जारी किया था। महासंघ का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए एंटी-डोपिंग नियमों का पालन अनिवार्य है। ऐसे मामलों में लापरवाही खेल की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। अब इस मामले में विनेश का जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

पेरिस ओलिंपिक के बाद लिया था संन्यास

गौरतलब है कि अगस्त 2024 में हुए पेरिस ओलिंपिक के दौरान विनेश फोगाट को ओवरवेट पाए जाने पर डिसक्वालीफाई कर दिया गया था। इस घटना ने पूरे देश को झटका दिया था। इसके बाद उन्होंने भावुक पोस्ट करते हुए कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। हालांकि कुछ महीनों बाद उन्होंने फिर वापसी का फैसला लिया। सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उन्होंने कहा था कि वह फिर से मेहनत कर रही हैं और देश के लिए मेडल जीतना चाहती हैं। उन्होंने कहा था कि वह दोबारा मैट पर लौटकर तिरंगे का सम्मान बढ़ाना चाहती हैं।

बृजभूषण पर फिर लगाए गंभीर आरोप

बीते दिनों विनेश फोगाट ने WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा था कि गोंडा में होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेना उनके लिए मानसिक रूप से बेहद मुश्किल होगा। विनेश ने खुलासा किया कि महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न मामले में शिकायत करने वाली छह पीड़िताओं में वह खुद भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मामला अभी कोर्ट में लंबित है और ऐसे माहौल में बृजभूषण के प्रभाव वाले इलाके में जाकर मुकाबला लड़ना आसान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि टूर्नामेंट के रेफरी, पॉइंट सिस्टम और मुकाबलों पर अब भी बृजभूषण और उनके करीबी लोगों का प्रभाव है। विनेश ने कहा कि सरकार और खेल मंत्रालय इस पूरे मामले में मूकदर्शक बने हुए हैं।

डेढ़ साल बाद कर रही थीं वापसी की तैयारी

अपने वीडियो में विनेश ने कहा था कि वह पिछले डेढ़ साल से रेसलिंग मैट से दूर थीं, लेकिन अब लगातार ट्रेनिंग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह पूरी मेहनत और ईमानदारी से वापसी की तैयारी कर रही थीं। उनका लक्ष्य फिर से देश के लिए मेडल जीतना था। उन्होंने यह भी कहा कि महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा अभी खत्म नहीं हुआ है। कोर्ट में केस लंबित है और सच धीरे-धीरे सामने आएगा। उन्होंने साफ कहा कि खिलाड़ियों को न्याय मिलना चाहिए।

कुश्ती जगत में फिर बढ़ा तनाव

WFI के इस फैसले के बाद भारतीय कुश्ती में तनाव का माहौल बन गया है। एक तरफ महासंघ नियमों के उल्लंघन की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ विनेश फोगाट लगातार सिस्टम और पूर्व पदाधिकारियों पर सवाल उठा रही हैं। खेल जगत की नजर अब इस बात पर टिकी है कि विनेश फोगाट इस नोटिस का क्या जवाब देती हैं और आगे WFI क्या कार्रवाई करता है।

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