131 दिन बाद खामेनेई को दी गई अंतिम विदाई: सुरक्षा कारणों से मुजतबा समारोह से दूर, 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मौजूद

3 घंटे पहले
सुरक्षा कारणों से मुजतबा समारोह से दूर, 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मौजूद

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई की औपचारिक प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई। अमेरिका-इजराइल के हवाई हमले में 28 फरवरी को हुई उनकी मौत के 131 दिन बाद उन्हें मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। तेहरान में आयोजित राजकीय श्रद्धांजलि समारोह में ईरान की शीर्ष राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व मौजूद रहा। वहीं, सुरक्षा कारणों से उनके बेटे मुजतबा खामेनेई इसमें शामिल नहीं हुए। अंतिम संस्कार में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। हालांकि रूस, चीन, भारत और तुर्किये ने अपने शीर्ष नेताओं के बजाय अन्य प्रतिनिधियों को भेजा।

रिपोर्ट के अनुसार अंतिम संस्कार में दुनिया भर के 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर समारोह में पहुंचे। ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान, जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल कावेलाशविली, इराक के राष्ट्रपति नजर अमीदी और तुर्कमेनिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति गुरबांगुली बर्दीमुहामेदोव भी मौजूद रहे। तुर्किये की ओर से उपराष्ट्रपति जेवदेत यिलमाज, रूस की ओर से पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव तथा चीन की ओर से नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष हे वेई ने प्रतिनिधित्व किया। भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने शिरकत की।

पारंपरिक प्रतीकों से सजा अंतिम विदाई स्थल

श्रद्धांजलि समारोह में खामेनेई के ताबूत को लाल ट्यूलिप के फूलों से सजाया गया। वहीं, उसके ऊपर सफेद तितलियों की प्रतीकात्मक सजावट की गई। शिया परंपरा में लाल फूल शहादत और अन्याय के खिलाफ बहाए गए खून का प्रतीक माना जाता है, जबकि सफेद तितलियां पवित्र आत्मा के सांसारिक जीवन से विदा लेकर जन्नत की ओर प्रस्थान का संकेत मानी जाती हैं। तेहरान के मुसल्ला परिसर और आसपास के इलाकों में अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्य द्वार आम लोगों के लिए खोल दिए गए हैं।

बिना रासायनिक लेप के रखा गया पार्थिव शरीर

इस्लामी परंपराओं का पालन करते हुए खामेनेई के पार्थिव शरीर पर किसी प्रकार का रासायनिक लेप नहीं लगाया गया। रिपोर्ट के अनुसार चार महीने से अधिक समय तक उनके पार्थिव शरीर को केवल रेफ्रिजेरेटेड कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया। वहीं शोक कार्यक्रमों के दौरान आने वाले लोगों के लिए लगभग पांच करोड़ रोटियां तैयार करने की योजना बनाई गई है। राजधानी तेहरान में इसके लिए 16 मोबाइल बेकरी भी तैनात की जाएंगी।

भारत के नेताओं और धर्मगुरुओं ने दी श्रद्धांजलि

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, सीनियर कांग्रेस लीडर सलमान खुर्शीद और कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा तेहरान पहुंचकर अयातुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। जम्मू-कश्मीर अंजुमन-ए-शरिया शियान के अध्यक्ष आगा सैयद हसन मोसवी अल सफवी समेत भारत के हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों के प्रमुख धार्मिक प्रतिनिधि भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

नव्य जागरण

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