भेलपुरी से अलग है बंगाल की ‘झालमुड़ी’: पीएम मोदी भी नहीं रोक पाए खुद को, झालमुड़ी का फ्लेवर ज्यादा स्ट्रॉन्ग

21 अप्रैल 2026
पीएम मोदी  भी नहीं रोक पाए खुद को, झालमुड़ी का फ्लेवर ज्यादा स्ट्रॉन्ग

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के बीच एक अलग ही तस्वीर सामने आई। झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक अपना काफिला रुकवा दिया। माहौल पूरी तरह राजनीतिक था। लेकिन यह पल बिल्कुल अलग था। वह गाड़ी से उतरे। सीधे एक छोटे से स्ट्रीट फूड ठेले पर पहुंचे। वहां उन्होंने मशहूर बंगाली स्नैक ‘झालमुड़ी’ का स्वाद लिया। लोगों के लिए यह नजारा चौंकाने वाला था। प्रधानमंत्री को इतने करीब देखकर भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई उन्हें देखना चाहता था। माहौल उत्साह से भर गया। सादगी और सहजता की यह झलक लोगों को खूब पसंद आई।

इस खास पल को प्रधानमंत्री ने खुद भी साझा किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो और तस्वीरें पोस्ट कीं। अपने संदेश में उन्होंने बताया कि व्यस्त कार्यक्रम के बीच उन्होंने थोड़ा वक्त निकाला। उसी दौरान उन्होंने झाड़ग्राम में इस चटपटे स्नैक का स्वाद लिया। उन्होंने इसे हल्का, स्वादिष्ट और एनर्जेटिक बताया। पोस्ट के बाद यह पल तेजी से वायरल हो गया। लोग इस पर खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

पीएम मोदी  भी नहीं रोक पाए खुद को, झालमुड़ी का फ्लेवर ज्यादा स्ट्रॉन्ग

क्या है ‘झालमुड़ी’?

भारत में स्ट्रीट फूड की भरमार है। हर शहर का अपना अलग स्वाद है। लेकिन पश्चिम बंगाल की ‘झालमुड़ी’ की बात ही कुछ और है। यह एक हल्का लेकिन बेहद चटपटा स्नैक है। ‘झाल’ का मतलब होता है तीखा। ‘मुड़ी’ यानी मुरमुरा। यानी यह तीखा मुरमुरा है। इसमें सरसों के तेल की खुशबू सबसे खास होती है। जैसे ही आप इसे खाते हैं, एक अलग ही फ्लेवर महसूस होता है। कोलकाता की गलियों में इसे बनाने का तरीका भी खास होता है। दुकानदार इसे बड़े स्टील के डिब्बों में तेजी से मिलाते हैं। फिर कागज के कोन में सर्व करते हैं। यह फटाफट बनता है। और तुरंत खा लिया जाता है।

कैसे बनती है यह चटपटी डिश

झालमुड़ी की रेसिपी बेहद सिंपल है लेकिन स्वाद में दमदार है। इसमें मुरमुरा बेस होता है। इसके साथ कई चीजें मिलाई जाती हैं। इसमें अंकुरित मूंग, चना, भुनी मूंगफली, नमकीन और बारीक कटा प्याज डाला जाता है। अदरक और हरी मिर्च इसे और तीखा बनाते हैं। लाल मिर्च भी मिलाई जाती है। सबसे अहम होता है सरसों का तेल। यही इसकी पहचान है। ऊपर से भुजिया डाली जाती है। कुछ जगह पापड़ या चना भी मिलाया जाता है। हर दुकानदार अपने हिसाब से ट्विस्ट देता है।

पीएम मोदी  भी नहीं रोक पाए खुद को, झालमुड़ी का फ्लेवर ज्यादा स्ट्रॉन्ग

भेलपुरी से कितना अलग है स्वाद

पहली नजर में झालमुड़ी और भेलपुरी एक जैसी लगती हैं। दोनों में मुरमुरा होता है। दोनों स्ट्रीट फूड हैं। लेकिन स्वाद पूरी तरह अलग है। भेलपुरी में मीठी चटनी का इस्तेमाल होता है। उसका स्वाद हल्का मीठा और खट्टा होता है। वहीं झालमुड़ी पूरी तरह तीखी होती है। इसमें मिठास लगभग नहीं होती। झालमुड़ी का फ्लेवर ज्यादा स्ट्रॉन्ग होता है। सरसों का तेल इसे अलग पहचान देता है। यही वजह है कि यह ज्यादा मसालेदार और बोल्ड टेस्ट वाली डिश मानी जाती है।

देशभर में अलग-अलग रूप

भारत में मुरमुरे से कई तरह के स्नैक्स बनते हैं। मुंबई की भेलपुरी सबसे फेमस है। बेंगलुरु में ‘चुरुमुरी’ मिलती है। इसमें नारियल डाला जाता है। ओडिशा की ‘मसाला मुड़ी’ भी काफी लोकप्रिय है। लेकिन इन सबमें झालमुड़ी अलग नजर आती है। इसका स्वाद और टेक्सचर इसे खास बनाते हैं।

सस्ती, टेस्टी और हमेशा फ्रेश

झालमुड़ी की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी है। यह सस्ती है। हर किसी की पहुंच में है। इसे बनाने में समय नहीं लगता। दुकानदार इसे हमेशा ताजा बनाते हैं। ऑर्डर मिलते ही मिक्स करते हैं। ताकि कुरकुरापन बना रहे। यही इसका असली मजा है। आजकल इसके हेल्दी वर्जन भी आ रहे हैं। लोग कम तेल और ज्यादा स्प्राउट्स पसंद कर रहे हैं। लेकिन असली स्वाद अभी भी सड़क किनारे ठेले पर ही मिलता है।

नव्य जागरण

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