मेनिया का शिकार थी बहू: झगड़े और तनाव के पीछे बाइपोलर डिसऑर्डर, पांच महीने बाद इलाज से मिली राहत

परिवार में लगातार बढ़ते विवाद, गुस्सा और असामान्य व्यवहार को अक्सर लोग स्वभाव की समस्या मान लेते हैं। कई बार इसके पीछे गंभीर मानसिक बीमारी भी छिपी हो सकती है। शहर के एक परिवार में ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां बहू के व्यवहार को लंबे समय तक झगड़ालू प्रवृत्ति समझा गया। करीब पांच महीने तक घर में तनाव और विवाद का माहौल बना रहा। जब एक्सपर्ट्स से सलाह ली गई तो पता चला कि महिला ‘मेनिया’ नामक मानसिक विकार से पीड़ित थी। समय पर इलाज शुरू होने के बाद अब उसकी स्थिति में लगातार सुधार देखा जा रहा है।
परिजनों के मुताबिक शुरुआत में महिला छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने लगी थी। वह तेज आवाज में बात करती थी और कई बार बिना वजह विवाद करने लगती थी। धीरे-धीरे स्थिति इतनी बिगड़ गई कि घर में आए दिन तनाव का माहौल बनने लगा। परिवार को लगा कि यह उसका स्वभाव है, लेकिन समय के साथ व्यवहार और अधिक असामान्य होता चला गया। इसके बाद परिजनों ने महिला जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में संपर्क किया, जहां काउंसलिंग और जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसे मेनिया से पीड़ित बताया।
विशेषज्ञ बोले- हर गुस्सा स्वभाव नहीं
मनोचिकित्सकों का कहना है कि लगातार चिड़चिड़ापन, अत्यधिक गुस्सा, बिना वजह बहस करना और असामान्य रूप से सक्रिय रहना केवल खराब व्यवहार नहीं, बल्कि मानसिक बीमारी के संकेत भी हो सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार मेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर का एक हिस्सा माना जाता है, जिसमें व्यक्ति का मूड, ऊर्जा और गतिविधियां सामान्य से कहीं अधिक बढ़ जाती हैं। एक्सपर्ट्स ने बताया कि ऐसे मरीज जरूरत से ज्यादा बोलते हैं, कम नींद लेने के बावजूद खुद को ऊर्जावान महसूस करते हैं और कई बार आवेग में फैसले लेने लगते हैं। कई मरीज खुद को बेहद शक्तिशाली या असाधारण मानने लगते हैं। यदि समय रहते इसका उपचार न हो तो पारिवारिक और सामाजिक जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।
क्या होता है मेनिया?
मेनिया एक मानसिक विकार है, जिसमें व्यक्ति का व्यवहार, सोचने का तरीका और भावनात्मक स्थिति असामान्य रूप से बदल जाती है। मरीज कभी अत्यधिक खुश दिखाई देता है तो कभी अचानक गुस्से या उत्तेजना में आ जाता है। इस दौरान उसकी निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित होती है। डॉक्टरों के अनुसार यह स्थिति कुछ दिनों से लेकर कई सप्ताह तक बनी रह सकती है।
बीमारी के प्रमुख कारण
एक्सपर्ट्स के अनुसार मेनिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। परिवार में पहले किसी सदस्य को मानसिक बीमारी होना इसकी बड़ी वजह मानी जाती है। इसके अलावा मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर के असंतुलन, अत्यधिक मानसिक तनाव, शराब या नशीले पदार्थों के सेवन और कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट से भी यह बीमारी विकसित हो सकती है।
समय पर इलाज से संभव है सामान्य जीवन
डॉक्टरों का कहना है कि मेनिया लाइलाज बीमारी नहीं है। सही दवाओं, नियमित काउंसलिंग और परिवार के सहयोग से मरीज पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकता है। मनोचिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि यदि परिवार के किसी सदस्य के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज न करें। मानसिक रोग भी अन्य बीमारियों की तरह ही हैं और समय पर उपचार मिलने पर इनमें तेजी से सुधार संभव है।











