महंगाई की मार ने बदली रसोई की आदतें: लोग अपना रहे बिना गैस वाले पकवान, स्टीम-फ्राई फूड छोड़ अंकुरित अनाज अपना रही गृहिणियां

15 अप्रैल 2026
लोग अपना रहे बिना गैस वाले पकवान, स्टीम-फ्राई फूड छोड़ अंकुरित अनाज अपना रही गृहिणियां

गैस की किल्लत से दुनिया भर में हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में गृहिणियों ने गैस बचाने के तरीके अपनाना शुरू कर दिए हैं। जहां पहले हमारे घरों में सुबह के नाश्ते में फ्राई और स्टीम वाले व्यंजन बनाए जाते थे, वहीं आज हमारा नाश्ता फलों से लेकर रात के भिगोए हुए अनाजों (स्प्राउट्स) की तरफ रुख कर चुका है। यह न सिर्फ गैस की बचत है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य का भी उत्तम स्रोत है।

हमारे देश में चल रहा LPG का संकट सबके लिए चिंता का विषय है। महंगे दाम और गैस का समय पर न मिल पाना एक भारी समस्या बन गई है। ऐसे में LPG की बचत का रास्ता किचन से शुरू करना हमारी पहली प्राथमिकता बन चुकी है। जहां हमारे किचन में सुबह के नाश्ते में फ्राई और स्टीम व्यंजन जैसे- जलेबी, चीला, समोसे, इडली, डोसा और सांभर बनते थे, वहीं आज लोग फल और रात के भिगोए हुए अनाजों का स्प्राउट बनाकर नाश्ते में ले रहे हैं। इससे न सिर्फ गैस की बचत हो रही है, बल्कि यह अनाज हमारे स्वास्थ्य के लिए भी गुणकारी है।

गोरखपुर की गृहिणियों और छात्रों का यह कहना

LPG गैस के भारी संकट के बीच हमने गृहिणियों और शहर में कमरा लेकर रह रहे छात्रों से बातचीत की। वे कैसे गैस की बचत कर रहे हैं, आइए जानते हैं:

मोहद्दीपुर की रहने वाली अनीता सिंह बताती हैं कि जब से गैस की किल्लत बढ़ी है, तब से उन्होंने सुबह का नाश्ता फलों और अंकुरित अनाजों पर शिफ्ट कर दिया है। इससे न सिर्फ गैस की, बल्कि समय की भी बचत होती है। स्प्राउट्स बनाने में बहुत कम समय लगता है, जिससे उनके पति पहले की तुलना में अब ऑफिस समय से पहुंच जाते हैं।

कूड़ाघाट में रहने वाले छात्र आलोक बताते हैं कि पहले वे रोजाना गैस पर नाश्ता बनाते थे। अब अंकुरित अनाज को नाश्ते में लेते हैं। इससे गैस की बचत तो होती ही है, साथ ही सुबह का समय भी बच जाता है और पढ़ाई के लिए अतिरिक्त समय मिल जाता है। यह नाश्ता स्वास्थ्य के लिए अच्छा स्रोत है और इससे पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है।

तारामंडल की रहने वाली मुक्ता सिंह बताती हैं कि अंकुरित अनाज को वह पहले से ही नाश्ते के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं। यह उनके बढ़ते वजन को कंट्रोल करता है, साथ ही गैस की किल्लत में भी मददगार साबित हो रहा है।

स्प्राउट्स खाने के फायदे:

प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत: स्प्राउट्स में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और एनर्जी देता है।

पाचन में मददगार: अंकुरित होने के बाद दालें आसानी से पच जाती हैं। इनमें फाइबर होने के नाते कब्ज जैसी समस्या नहीं होती।

वजन कम करने में सहायक: स्प्राउट्स में कैलोरी कम और पोषण ज्यादा होता है, जिससे पेट देर तक भरा रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती।

बढ़ाता है इम्यूनिटी: इनमें विटामिन सी, ए और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

डायबिटीज कंट्रोल में सहायक: मधुमेह के मरीजों के लिए स्प्राउट्स बहुत लाभकारी हैं, क्योंकि यह शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

कैसे खाएं स्प्राउट्स?

स्प्राउट्स को अंकुरित करके सीधे खाया जा सकता है। इसे सलाद के रूप में या 'स्प्राउट्स चाट' बनाकर अपने नाश्ते में शामिल कर सकते हैं। असल में, स्प्राउट्स सस्ते, हेल्दी और आसानी से बनने वाले 'सुपरफूड' हैं। इनसे गैस की बचत होती है और रोजाना नाश्ते में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे हम फिट रहते हैं।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।